पिछला

ⓘ सहकारिता का इतिहास. अनेक व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा किसी समान उद्देश्य की प्राप्ति के लिये मिलकर प्रयास करना सहकार कहलाता है। समान उद्देश्य की पूर्ति के लिये ..


                                     

ⓘ सहकारिता का इतिहास

अनेक व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा किसी समान उद्देश्य की प्राप्ति के लिये मिलकर प्रयास करना सहकार कहलाता है। समान उद्देश्य की पूर्ति के लिये अनेक व्यक्तियों या संस्थाओं की सम्मिलित संस्था को सहकारी संस्था कहते हैं।

भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले से चल रहा सहकारिता आंदोलन आज विराट रूप धारण कर चुका है और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके चलते देशवासी आर्थिक रूप से समृद्ध तो हुए ही हैं, साथ ही बेरोजगारी की समस्या भी बहुत हद तक कम हुई है। एक अनुमान के अनुसार इस समय देशभर में करीब ५ लाख से अधिक सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनमें करोड़ों लोगों को रोजगार मिल रहा है। ये समितियां समाज जीवन के अनेक क्षेत्रों में काम कर रही हैं, लेकिन कृषि, उर्वरक ओर दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में इनकी भागीदारी सर्वाधिक है। अब तो बैंकिंग के क्षेत्र में भी सहकारी समितियों की संख्या निरन्तर बढ़ रही है। लेकिन देश में सहकारी आंदोलन राजनीतिक उदेश्यो की पूर्ति का साधन बनकर अनेक विसंगतियों के जाल में फंसा दिया गया है।

आर्थिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए संस्थाबद्ध हुए लोग, जो व्यवसाय चलाकर समाज की आर्थिक सेवा तथा संस्था के सभी सदस्यों को आर्थिक लाभ कराते हैं, को सहकारिता या सहकारी समिति कहा गया। इस प्रकार के व्यवसाय में लगने वाली पूंजी संस्था के सभी सदस्यों द्वारा आर्थिक योगदान के रूप में एकत्रित की जाती है। पूंजी में आर्थिक हिस्सा रखने वाला व्यक्ति ही उस सहकारी संस्था का सदस्य होता है। भारत में सहकारिता की यह निश्चिचत व्याख्या सन्‌ १९०४ में अंग्रेजों ने कानून बनाकर की थी। कानून बनने के बाद अनेक पंजीकृत संस्थाएं इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए उतरीं। सहकारिता में समाजहित को देखते हुए सरकार द्वारा भी बहुत तेजी से इसकी वृद्धि के प्रयास हुए। सरकार के प्रयास से सहकारी संस्थाओं की संख्या में तो वृद्धि हुई, लेकिन सहकारिता का जो मूल तत्व था वह धीरे-धीरे समाप्त हो गया। सहकारी संस्थाओं में दलीय राजनीति हावी होने लगी। हर जगह लोभ एवं भ्रष्टाचार का बोलबाला हो गया। समितियों के सदस्य निष्कि्रय होते चले गए और सरकारी हस्तक्षेप बढ़ता गया। सहकारिता की इस पृष्ठभूमि, सहकारिता को स्वायत्तता देने की मांग तथा सहकारिता आंदोलन को और बलवती बनाने के लिए सहकार भारती अस्तित्व में आई।

                                     
  • भ रत म सहक र त क इत ह स स वर ष स भ अध क प र न ह यह व श षत क ब द, सहक र सम त य क बह त त ज स व क स ह आ एक अन म न क अन स र, द श
  • सम म ल त स स थ क सहक र स स थ कहत ह र बर ट ओव न सहक र त क इत ह स सहक र भ रत सहय ग भ रत य सहक र त भ रत य र ष ट र य सहक र स घ भ रत य र ष ट र य सहक र
  • सहक र भ रत क म ख य उद द श य जनत क आर थ क स व द व र सम ज क आर थ क उत थ न करन व ल सहक र त क श द ध करन एव मजब त बन न ह - ज स सहक र त म आए ह ए
  • स मर क सहक र त सम त जयप र क एक सहक र त स स थ न ह ज न ह कमल न क ष क र य क ल ए जम न आव ट त क थ इस घटन क ब द जयप र सहक र त व भ ग क
  • सम ज - स ध रक एव उद यम थ उनक गणन सम जव द एव सहक र त आन द लन क स स थ पक म क ज त ह सहक र त क जनक र बर ट ओव न Robert Owen मई 14, 1771
  • रह ह ब म स द ध न त क इत ह स सम द र व य प र क प र र भ स ह स ब ध त ह अपन आद र प म क षत प र त क ब म स द ध त सहक र त क स द ध त पर आध र त
  • ह स स ल य 937 - 39 और 1946 - 47 क ब च व मद र स सरक र म श रम, उद य ग, सहक र त और व ण ज य व भ ग क म त र रह उसक ब द द सर व श वय द ध और भ रत छ ड
  • क श र स ह 1908 1983 एक भ रत य र जन त ज ञ, स वतन त रत स ग र म स न न व सहक र त क र त क जनक थ व ब ह र म म जफ फरप र उत तर पश च म स सद य न र व चन
  • फर ट ल इजर क आपर ट व ल म ट ड IFFCO व श व क सबस बड उर वरक सहक र त स स थ ह इफक म हज र सहक र त ए इसक सदस य ह 3 नवम बर 1967 क इ ड यन फ रमर स
  • मह न स घटनकर त क ग ण थ यह क रण ह क आपन प र र भ म ह आ ध र क सहक र त आ द लन म जह भ ग ल य वह ज वन ब म व यवस थ क प रगत म भ उल ल खन य
                                     
  • व हन कर ध न व हन क ल ए अन व र य ब म म टर पर वहन क क ष त र म पर वहन सहक र त क स वर धन र ष ट र य सड क स रक ष म नक क स थ पन सड क द र घटन ओ पर
  • प र प त ह ई. क मय ब भ ऐस क वर ष तक र शड ल प यन यर स द न य - भर म सहक र त आ द लन क पर य य बन रह उस सम त क सफलत ए द सर सम त य क ल ए प र रण ए
  • प र ट क 2012 म प न सरक र बनन क ब द उन ह ल क न र म ण, स च ई, सहक र त म त र क ज म म द र द गय इन व भ ग म व य प त भ रष ट च र क खत म
  • क ष क आध न क करण एव व यवस य करण, क ष म ल य न त क ष श रम क, वन सम पद ग र म ण आध रभ त ढ च ब जरभ म व क स क र यक रम, क ष व त त, सहक र त सहक र त
  • पश व श क व क स, ग र मस रक ष क ल ए ग र मस वक दल क गठन, सहक र त क व क स, अक ल प ड त क सह यत प ल और प ल य क न र म ण, स क ल और अस पत ल क स ध र
  • आद न - प रद न क इर द स क य गय थ इन समझ त क ह स स क र प म रक ष सहक र त ब ठक क उद घ टन भ रत - कतर स य क त सम त क 2008 म कतर र जध न द ह म
  • सदस य द व र च न गए प रत न ध सदस य क क ष सहक र त ल क स व स थ य, प च यत, उद य ग आद व भ ग क म त र न य क त क य गय जनत क ओर स सर वप रथम
  • व क स क क र य अपन ह थ म ल य सरक र क सहय ग स हमज ल व क स क य जन उन ह न क र य न व त क ज सम क ष अभ य त र क एव सहक र त पर व श ष
  • क जन म 3 ज न 1967 क च ड गढ म ह आ इनक प त क न म शमश र स ह स रज व ल तथ म त क न म व द य ह उस समय इनक प त हर य ण क क ष व सहक र त म त र
                                     
  • क ष त र क व द य त य ट ल ट ज, र ज य व द य त ब र ड ग र म ण व द य त सहक र त ओ ग र सरक र स गठन तथ न ज व द य त उत प द उत प दक क ल न प रद न करत
  • म ऋण ध न ऋण व पस प र प त करन उपन ध य न जम नत, स भ य, सम त थ न य न सहक र त दत त प रद न क य न कर र करक भ उस नह म नन अभ य प त य - अस श र ष य न
  • इ द र य क सहक र त क अभ व म स धनह न श द ध ब द ध ईश वर, आत म तथ व श वसमष ट क ज ञ न प र प त करन म असमर थ ह क त क ट क उद द श य ब द ध
  • सकत ह अत: इन सभ ज ख म स स रक ष क एक उप य ब म ह ह 2. ज ख म क फ ल न क तर क - ब म म सहक र त क भ वन क आध र पर एक सब क ल ए व सब
  • क न द र, ब क न र व बद न य फ ण ट म एग र स न ट ह म चल प रद श क ष सहक र त व भ ग अ ग र ज - ह न द क ष शब द वल क ष - म समव ज ञ न अ ग र ज - ह द शब द वल
  • सम ज म सहक र त भल ह उस र प म म ज द न रह ह ज स क हम आज उसक द खत ह मगर वह स द ध त और भ वन त मक र प भ रत य च तन पर पर सहक र त क भ वन
  • क स थ - स थ व ज ञ न क तकन क क सह र ल कर नए प रय ग क ए ज सकत ह ज ल म मध यम ज त क आक र ह न स न ज एव सहक र त क र प म क र य कर प रस स करण
  • न त कत म द ख ज सकत ह फ र डर क न त श क अन त कत व द, फ र यड द व र उद त त करण क र प म क य गय सहक र त क वर णन, स ट नल म लग र म क श क प रय ग
  • क सदस य और मह मह म श ख स ल त न ब न म हम मद अल - क स म क भत ज वह पहल सहक र त र ज य म त र अ तर र ष ट र य सहय ग र ज य म त र और स य क त अरब अम र त य एई
  • ग ण क क रण श र ष ठ म नकर वर क सत क र करन क व यवस थ ऋष य न बन ई ह उन श ल नत ज म म द र आत म यत सहक र त ज स ग ण क इतन ज वन त बन कर
                                     
  • सहक र त व क स क तत व, आध न क व ज ञ न और अर जकत व द र स क अर जकत व द ल खक म उस सबस अध क ख य त प र प त ह उसक अर जकत व द स म यव द क

शब्दकोश

अनुवाद
Free and no ads
no need to download or install

Pino - logical board game which is based on tactics and strategy. In general this is a remix of chess, checkers and corners. The game develops imagination, concentration, teaches how to solve tasks, plan their own actions and of course to think logically. It does not matter how much pieces you have, the main thing is how they are placement!

online intellectual game →