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ⓘ मांगरोल, बौंली. राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के अंतर्गत आने वाला मांगरोल गांव एक छोटा सा गांव है। गांव की तहसील बौंली लगती है वही ग्राम पंचायत व पोस्ट मुख्यालय ..


मांगरोल, बौंली
                                     

ⓘ मांगरोल, बौंली

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के अंतर्गत आने वाला मांगरोल गांव एक छोटा सा गांव है। गांव की तहसील बौंली लगती है वही ग्राम पंचायत व पोस्ट मुख्यालय पीपलवाड़ा लगता है। मांगरोल गांव में सबसे अधिक आबादी मीणा जनजाति की है जो कि महर गौत्र से संबंधित है। मीणा जनजाति का महर गौत्र मीणा समाज का महत्व पूर्ण गौत्र है। इसी गौत्र के मीणाओं ने राजस्थान के लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज को बुरी तरह से घायल कर दिया था लेकिन तेजाजी महाराज ने महर गौत्र के मीणों पर विजय पाई थी।

                                     

1. जनसंख्या

२०११ की जनगणना के अनुसार मांगरोल गांव 110 घरों की बस्ती है। गांव की कुल जनसंख्या 523 है जिसमें से 267 पुरुष एवं 256 महिलाएँ है। गांव में अनुसूचित जनजाति की संख्या 235 है जिसमें से 122 पुरुष व 113 महिलाएँ है वहीं अनुसूचित जाति की संख्या 155 है जिसमें से 77 पुरुष व 78 महिलाएँ है। मांगरोल गांव में 0 से 6 साल के बच्चों की जनसंख्या 75 है जिसमें से 37 लड़के व 38 लड़कियाँ है।

                                     

2. मंदिर

हनुमान मंदिर

मांगरोल गांव का मुख्य आस्था धाम हनुमान जी का मंदिर है। यह मंदिर गाँव से दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भगवान हनुमान की इस मंदिर में चमत्कारी प्रतिमा है। मंदिर का प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा की तरफ है। पास में डील नदी स्थित है जो वर्तमान में लुप्त प्रायः हो गई है, डील नदी को वर्तमान में नंगौह के नाम से जाना जाता है जो कभी बनास नदी की सहायक नदी के रूप मे जानी जाती थी। हनुमान मंदिर के पास ही पानी का कुआँ स्थित है जो हनुमान जी की बेवरी नाम से जाना जाता है। इस कुआँ से गांव के लोग सुबह सुबह रस्सी से बाल्टी बाँधकर पानी खीचते है एवं स्नान आदि करने के बाद भगवान हनुमान के दर्शन करते हैं।

ठाकुर जी का मंदिर

यह मंदिर गाँव के बीच में स्थित है जो कि गांव का मुख्य मंदिर बनने की बाहट जो रहा है। मंदिर में समय पर पाठ पूजन नहीं किया जा रहा है। कहाँ जाता है कि जबतक गांव के लोग इस मंदिपर ध्यान नहीं देंगे तब तक गांव खुशहाली से रह नहीं सकता।

                                     

3. साक्षरता

2011 के आकड़ों के अनुसार मांगरोल गांव का साक्षरता प्रतिशत 55.58 है जो कि बहुत कम है। पुरुष साक्षरता प्रतिशत 84.35 है वहीं महिला साक्षरता प्रतिशत 25.23 है। गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्थित है जो कि कक्षा 1 से लेकर 5 वीं तक के बच्चों का अध्ययन कराता है।

                                     

4. आवागमन

जिला मुख्यालय सवाई माधोपुर से मांगरोल गांव पहुंचने के लिए दो रास्ते सबसे सुलभ है:-

  • सवाई माधोपुर से मांगरोल आने के लिए प्रथम रास्ता निम्न गाँवों में होकर जाता है - सवाई माधोपुर - सूरवाल - भगवतगढ़ - झोंपड़ा - बनास नदी - राठोद - बागरोली एवं मांगरोल। इस रास्ता में सवाई माधोपुर से सीधे झोंपड़ा गांव तक बस द्वारा पहुँचा जा सकता है। झोंपड़ा गांव से मांगरोल की दूरी महज 10 किलोमीटर दूर है।
  • सवाई माधोपुर से मांगरोल आने के लिए दूसरा रास्ता सूरवाल - भाडौती - खिरणी - हिंदपुरा - पीपलवाड़ा एवं मांगरोल। इस रास्ता में सवाई माधोपुर से पीपलवाड़ा तक सीधे बस द्वारा पहुँचा जा सकता है और पीपलवाड़ा से मांगरोल की दूरी महज 2 किलोमीटर है।
                                     
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