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ⓘ अंक विद्या. अनेक प्रणालियों, परम्पराओं या विश्वासों में अंक विद्या, अंकों और भौतिक वस्तुओं या जीवित वस्तुओं के बीच एक रहस्यवाद या गूढ सम्बन्ध है। प्रारंभिक गणित ..


                                               

संख्या

संख्याएँ वे गणितीय वस्तुएँ हैं जिनका उपयोग मापने, गिनने और नामकरण करने के लिए...

अंक विद्या
                                     

ⓘ अंक विद्या

अनेक प्रणालियों, परम्पराओं या विश्वासों में अंक विद्या, अंकों और भौतिक वस्तुओं या जीवित वस्तुओं के बीच एक रहस्यवाद या गूढ सम्बन्ध है।

प्रारंभिक गणितज्ञों जैसे पाइथागोरस के बीच अंक विद्या और अंकों से सम्बंधित शकुन लोकप्रिय थे, परन्तु अब इन्हें गणित का एक भाग नहीं माना जाता और आधुनिक वैज्ञानिकों द्वारा इन्हे छद्म गणित pseudomathematics की मान्यता दी जाती है। यह उसी तरह है जैसे ज्योतिष विद्या में से खगोल विद्या और रसविद्या alchemy से रसायन शास्त्र का ऐतिहासिक विकास है।

आज, अंक विद्या को बहुत बार अदृश्य occult के साथ-साथ ज्योतिष विद्या और इसके जैसे शकुन विचारों divinatory की कलाओं से जोड़ा जाता है। इस शब्द को उनके लोगों के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है जो कुछ प्रेक्षकों के विचार में, अंक पद्धति पर ज्यादा विश्वास करते हैं, तब भी यदि वे लोग परम्परागत अंक विद्या को व्यव्हार में नहीं लाते। उदाहरण के लिए, उनकी १९९७ की पुस्तक अंक विद्या; या पाइथागोरस ने क्या गढ़ा, गणितज्ञ अंडरवुड डुडले Underwood Dudley ने शेयर बाजार stock market विश्लेषण के एलिअट के तरंग सिद्धांत Elliott wave principle के प्रयोगकर्ताओं की चर्चा करने के लिए इस शब्द का उपयोग किया है।

                                     

1. इतिहास

आधुनिक अंक विद्या में कई बार प्राचीन संस्कृति और शिक्षकों की विविधताओं के पहलुओं का उल्लेख है जिसमें बेबीलोनया, पाइथागोरस और उनके अनुयायी ग्रीस, 6 वीं शताब्दी ई.पू., हेलेनिस्टिक एलेक्सेन्ड्रिया Alexandria, प्रारंभिक ईसाई रहस्यवाद Christian mysticism, प्रारंभिक गूढ़ ज्ञानवाद Gnostics का रहस्य, कबालाह Kabbalah की यहूदी Hebrew परम्परा, भारतीय वेद, चीन का मृत लोगों का घेरा Circle of the Dead और इजिप्ट की रहस्यमय घर के मालिक की पुस्तक Book of the Master of the Secret House मृतक के संस्कार शामिल हैं।

पाइथागोरस और उस समय के अन्य दार्शनिकों का यह मानना था कि भौतिक अवधारणाओं की तुलना में गणितीय अवधारणाओं में अधिक व्यवहारिकता नियमित और वर्गीकरण में आसान थी, इसलिए उनमें अधिक वास्तविकता थी।

हिप्पो के संत आगस्टिन Augustine of Hippo ऐ डी ३५४-४३० ने लिखा है, अंक सार्वलौकिक भाषा हैं, जो परमात्मा द्वारा सत्य की पुष्टि में हमें प्रदान किगए हैं। पाइथागोरस की ही तरह, वे भी यह मानते थे कि प्रत्येक वस्तु में संख्यात्मक सम्बन्ध है और यह मस्तिष्क पर था कि वह इन संबंधों के रहस्यों की जाँच कर इनका पता लगाये या फिर ईश्वर की अनुकंपा से यह रहस्य खुलने दे। प्रारंभिक ईसाई रहस्यवाद के लिए अंक विद्या और चर्च के फादर Numerology and the Church Fathers देखें।

३२५ एडी में, नीकैया की पहली परिषद् First Council of Nicaea के बाद, रोमन साम्राज्य में नागरिक उपद्रव होने के कारण राज्य चर्च Church पर से विश्वास उठने लगा था। अंक विद्या को ईसाई प्राधिकारी से मान्यता नहीं मिली और इसे शकुन के अन्य रूपों और जादू टोनों के साथ अमान्य विश्वासों के क्षेत्र में रख दिया गया। इस धार्मिक शुद्धिकरण के द्वारा, अब तक "पवित्र" संख्याओं को जो महत्व दिया जाता था, वह ख़त्म होने लगा। फिर भी, अनेक संख्याओं, जैसे यीशु संख्या Jesus number" पर टिप्पणी की गई है और यह गाजा के डोरोथ्स Dorotheus_of_Gaza द्वारा विश्लेषित की गयी है और रुढीवादी ग्रीक Greek Orthodox क्षेत्रों में अब भी अंक विद्या का प्रयोग किया जाता है.

अंग्रेजी साहित्य में अंक विद्या के प्रभाव का एक उदाहरण है, १६५८ में सर थॉमस ब्राउन Thomas Browne का डिस्कोर्स दी गार्डन ऑफ़ सायरस The Garden of Cyrus. इसमें लेखक ने कला, प्रकृति और रहस्यवाद mysticism में हर तरफ़ पाँच अंक और सम्बंधित क्विन्क्न्क्स Quincunx शैली का वर्णन किया है।

आधुनिक अंक विद्या में अनेक पूर्व वृत्तान्त है। रुथ एड्रायर की पुस्तक, अंक विद्या, अंकों की शक्ति स्क्वायर वन प्रकाशक का कहना है कि इस सदी के बदलने तक १८०० से १९०० ई. के लिए श्रीमती एल डॉव बेलिएट ने पाइथागोरस के कार्य को बाइबिल के संदर्भ के साथ सयुंक्त कर दिया था। फिर १९७० के मध्य तक, बेलिएट के एक विद्यार्थी, डॉ॰ जूनो जॉर्डन ने उस अंक विद्या को और परिवर्तित किया और वह प्रणाली विकसित करने में सहयोग दिया जो आज "प्य्थागोरियन" के नाम से जानी जाती है।

                                     

2.1. विधियां अंक परिभाषाएँ

विशेष अंकों के अर्थों के लिए कोई परिभाषाएँ निर्धारित नहीं है। सामान्य उदाहरणों में शामिल हैं:

०.सब कुछ या सम्पूर्णता सब १.व्यक्तिगत.हमलावर.यांग. २.संतुलन. यूनियन. ग्रहणशील.यिन. ३.संचार/अन्योन्यक्रियातटस्थता. ४.सृजन ५.कार्य. बेचैनी ६.प्रतिक्रिया/ प्रवाहदायित्व. ७.विचार/चेतना. ८.अधिकार/त्याग. ९.पूर्णता. १०.पुनर्जन्म.

                                     

2.2. विधियां अन्य

कुछ मामलों में, एक प्रकार के अंक गणितीय शकुन divination में, व्यक्तित्व और रुचियों के आंकलन के लिए उसके नाम और जन्म तिथि का इस्तेमाल किया जाएगा।

                                     

3. चीनी अंक विद्या

कुछ चीनी, अंकों को अर्थों के विभिन्न संयोजन प्रदान करते हैं और कुछ निश्चित संख्या के संयोजन को दूसरों के मुकाबले अधिक भाग्यशाली माना जाता है। सामान्य तौर पर, सम संख्याओं को भाग्यशाली माना जाता है, क्योंकि यह माना जाता है कि सौभाग्य जोड़ी में आता है।

                                     

3.1. चीनी अंक विद्या चीनी संख्या परिभाषाएँ

केंटोनेज ने बार बार निम्नलिखित परिभाषा निर्दिष्ट की, जो चीनी के अन्य प्रकार से अलग हो सकती है:

  • 二; आसान
  • 四; को अशुभ माना गया क्योंकि ४ का उच्चारण मृत्यु के शब्द के सामान या किसी पीड़ित की आवाज के सामान ध्वनि उत्पन्न करता है।
  • 七 - केंतोनिज में एक गंवारू बोली / अशिष्ट शब्द.
  • 六 सरल और आरामदेय, सब प्रकार से.
  • 一; सुनिश्चित
  • 五 - स्वयं, मैं, मैं स्वयं, कुछ नहीं, कभी नहीं
  • 八 - आकस्मिक भाग्य, समृद्धि.
  • 九 - लंबे समय वाली, केंतोनिज में एक गंवारू बोली / अशिष्ट शब्द.
  • 三; जीवंत

कुछ सौभाग्यशाली संख्या संयोजनों में शामिल हैं:

  • ९९ - दुगने समय वाला, इसलिए अनंत है, एक प्रसिद्ध चीनी-अमेरिकन सुपर मार्केट चेन के नाम में प्रयुक्त, ९९ रंच मार्केट 99 Ranch Market
  • ८८८ - तीन गुना समृद्धि
  • ५१८ - मैं सफल बनूँगा, दूसरे संयोजनों में शामिल है: ५१८९ मैं लंबे समय तक सफलता प्राप्त करूंगा ५१६२८९ में एक लंबे, सुविधाजनक सफलता के मार्ग पर चलूँगा और ५९१८ मैं जल्दी ही सफल हो जाऊँगा
  • ८१४ - १६८ के सामान, इसका अर्थ है, मैं अपनी पूरी उम्र धनवान रहूँगा". १४८ का भी यही अर्थ है।
  • १६८ - समृद्धि का मार्ग या - एक साथ समृद्ध होना; चीन में अनेक प्रीमियम-पे टेलीफोन नम्बर इसी नम्बर से शुरू होते हैं। चीन में एक मोटेल चेन का नाम भी यही है मोटेल १६८
  • १३१४ - पूरा जीवनकाल, अस्तित्व.
                                     

4. अन्य क्षेत्र

अंक विद्या और ज्योतिष शास्त्र

कुछ ज्योतिषी यह मानते हैं कि ० से ९ तक का प्रत्येक अंक हमारे सौर मंडल की एक दिव्य शक्ति द्वारा नियंत्रित है।

संख्या ३

संख्या ३ प्रतीक है पूर्णता," या "दिव्य पूर्णता" की। उदाहरणों में शामिल है, "भगवान्" के रूप में होली ट्रिनीटी फादर, सन एंड होली स्पिरिट और पुनर्जीवित होने के पहले इशु ३ दिनों तक मृत थे।

संख्या ७

हिब्रू में संख्या ७ के मूल शब्द का अर्थ है, "पूर्ण" या "पूरा"। इसका अर्थ "आध्यात्मिक पूर्णता" से लगाया गया है। उदाहरणों में शामिल है, कि सप्ताह में ७ दिन होते हैं।

                                     

4.1. अन्य क्षेत्र अंक विद्या और ज्योतिष शास्त्र

कुछ ज्योतिषी यह मानते हैं कि ० से ९ तक का प्रत्येक अंक हमारे सौर मंडल की एक दिव्य शक्ति द्वारा नियंत्रित है।

                                     

4.2. अन्य क्षेत्र अंक विद्या तथा रस विद्या

अनेक रसविद्या alchemical सिद्धांतों का अंक विद्या से निकट का सम्बन्ध था। आज भी इस्तेमाल में आने वाली अनेक रासायनिक प्रक्रियाओं के आविष्कारक, फारस रस्वैध्य जाबिर इब्न हैयान Jabir ibn Hayyan, ने अपने प्रयोग अरबी भाषा में पदार्थों के नामों पर आधारित अंक विद्या पर आधारित किए।

                                     

4.3. अन्य क्षेत्र विज्ञान के क्षेत्र में अंक विद्या

यदि उनकी प्राथमिक प्रेरणा वैज्ञानिक scientific के बजाय गणितीय हो तो वैज्ञानिक सिद्धांतों को कभी-कभी "अंक विद्या" के नाम से पुकारा जाता है। शब्दों का इस तरह पुकारा जाना वैज्ञानिक समुदाय में काफी सामान्य है और प्रश्नात्मक विज्ञानं के जैसे एक सिद्धांत को रद्द करने के लिए इसका अधिकतर इस्तेमाल होता है।

विज्ञान के क्षेत्र में "अंक विद्या" के सबसे अधिक ज्ञात उदाहरण में शामिल है, कुछ निश्चित बड़ी संख्याओं की समानता का संयोग, जिसने गणितीय भौतिक वैज्ञानिकों पॉल डिराक Paul Dirac, गणितज्ञ हर्मन वेल Hermann Weyl और खगोलज्ञ आर्थर स्टैनले एडिंग्टन Arthur Stanley Eddington जैसे प्रतिष्ठित लोगों को अपने जाल में ले लिया। ये संख्यात्मक संयोग ऐसी मात्राओं का जिक्र करते हैं जैसे ब्रह्मांड की आयु और समय की परमाणु इकाई का अनुपात, ब्रह्मांड में इलेक्ट्रॉन की संख्या और इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन के लिए गुरुत्व बल और विद्धुत बल की शक्ति में अन्तर। पृष्ठ ३)।

बड़ी संख्या में संयोग गणितीय भौतिकविदों को लगातार मोहित कर रहे हैंँ। उदाहरण के लिए, जेम्स जीगिल्सन ने "गुरुत्व का परिमाण सिद्धांत" निर्मित किया जो थोड़ा बहुत डिरेक की बड़ी संख्या की परिकल्पना पर आधारित है।

                                     

4.4. अन्य क्षेत्र संख्या ३

संख्या ३ प्रतीक है पूर्णता," या "दिव्य पूर्णता" की। उदाहरणों में शामिल है, "भगवान्" के रूप में होली ट्रिनीटी फादर, सन एंड होली स्पिरिट और पुनर्जीवित होने के पहले इशु ३ दिनों तक मृत थे।

                                     

4.5. अन्य क्षेत्र संख्या ७

हिब्रू में संख्या ७ के मूल शब्द का अर्थ है, "पूर्ण" या "पूरा"। इसका अर्थ "आध्यात्मिक पूर्णता" से लगाया गया है। उदाहरणों में शामिल है, कि सप्ताह में ७ दिन होते हैं।

                                     

4.6. अन्य क्षेत्र संख्या १२

संख्या १२ को सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए महत्त्वपूर्ण समझा जाता है और बारह दर्शाता है सरकारी पूर्णता";, एक वर्ष में १२ महीने होते हैं, दिन और रात को १२ की ही दो अावृतियाँ नियंत्रित करती है, इजरायल की १२ जनजातियाँ है और उनके चर्च को नियंत्रित करने के लिए इशु द्वारा स्थापित १२ अनुयायी - इस महान कार्य को पूरा करते हुए मार्क १६:१५ और रोमन दीसेम्विर्स decemvirs ने नियम लिखे, जो टुएल्व टेबल्स Twelve Tables कहलाये।

                                     

4.7. अन्य क्षेत्र बाईबल की अंक विद्या की आलोचना

बाईबिल के आलोचकों द्वारा यह नोट किया गया कि पवित्र लेख में अंकविद्या के अनुसरण के लिए कोई आदेश नहीं है।

ईसाईयों को बाईबिल की अंकविद्या के अभ्यास के लिए प्रेरणा या पवित्र लेख के एक भी आदेश का उल्लेख न तो कथोलिक कैनन की ७३ पुस्तकों में है और न ही प्रोटेस्टेंट बाईबिल की ६६ पुस्तकों में है।

और इन शिक्षाओं को अपने ख़ुद के जीवन पर लागू करने के महत्त्वपूर्ण मामलों पर से पाठक का ध्यान खींचती है।

                                     

5. लोकप्रिय संस्कृति

कथा साहित्य में अंक विद्या एक लोकप्रिय कथानक उपकरण है। इसकी सीमा आकस्मिक से हास्य प्रभाव तक हो सकती है, जैसे कि १९५० में टीवी सिट्काम के दी सीअंस शीर्षक के एक प्रसंग में, आय लव लूसी I Love Lucy, में होता है, जब लूसी कहानी के एक प्रमुख तत्व के कारण अंक विद्या में रूचि लेती है, इसी प्रकार फिल्म टीटी π में होता है जब तोराह में छुपी अंक प्रणालियों को खोजने के लिए नायक एक अंक विशेषज्ञ से मिलता है।

                                     
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