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ⓘ त्यागी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों में पायी जाने वाली एक ब्राह्मण जमींदार जाति है। त्यागी पंजाब में मोहयाल, महाराष्ट्र में चितपावन, ब ..


त्यागी
                                     

ⓘ त्यागी

त्यागी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों में पायी जाने वाली एक ब्राह्मण जमींदार जाति है।

त्यागी पंजाब में मोहयाल, महाराष्ट्र में चितपावन, बिहार में भूमिहार, दक्षिण भारत में नियोगी, अनाविल, राव, नंबूदरी, हेगड़े, ऐय्यर आदि उपनामो से जाने जाते है। इन सभी को संगठित रूप से ब्रह्मऋषि समाज भी कहा गया है। ये भगवान् परशुराम को अपना कुलगुरु मानते है।।

त्यागी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी जमींदारी व् रियासतों से जाने जाते है। निवाड़ी,असौड़ा रियासत, रतनगढ़, हसनपुर दरबारदिल्ली, बेतिया रियासत, राजा का ताजपुर, बनारस राजपाठ भूमिहार, टेकारी रियासत, आदि बहुत सारे प्रमुख राजचिन्ह है। इसके अलावा सैकड़ो बावनीबावन हजार बीघा जमीन वाले गांव है।

बनारस का राजघराना विभूति साम्राज्य काशी नरेश भी इसी त्यागी भूमिहार परिवार से है। इसके अलावा ईरान, अफ़ग़ानिस्तान के प्राचीन राजा भी मोहयाल शाखा के यही योद्धा ब्राह्मण थे। इनमे सबसे प्रमुख है अफ़ग़ानिस्तान का प्राचीन शाही साम्राज्य जो मोहयालो का महान साम्राज्य था जिन्होंने भारतवर्ष में सबसे पहले अरबो को युद्ध में धुल चटाई थी और ऐसी हार दी थी की अगले 300 साल तक कोई हमला नही कर पाए थे।।

मोहयाल त्यागी शाखा पंजाब ---

ब्रह्मऋषि समाज में लगभग 15 फीसदी आबादी मोहयाल शाखा के त्यागी ब्राह्मणों की है जिनका वर्णन अंग्रेजो के दस्तावेजों में सैनिक ब्राह्मणों के रूप में मिलता है ये एक अत्यंत बहादुर कौम है --. सिंंधु की गर्जन में, काबुल की माजलिश में, गंधार से पेेेशावर, डोगरा से पंजाब तक मोहयाल राजाओ का वर्चस्व हुुुआ करता था ।।

History of TYAGIs from Bhatts Documents---The Millitant Brahmin Race

The origination of "Tyagi’s" can be found in the documents of the Bhatts. Bhatts are those guy who maintain records of family histories and according to them Tyagis are descendents of lord parshuram and according to mythology there is belief that lord parshuram had asked the bhargav’s not to take bhiksha, those who obeyed his words and they left taking bhiksha, they are called the tyagi’s and the other rest of followers are called shrama’s, pandey’s, mishra’s and other Brahmin cast.

Another Mythology

Another belief is that they are those Brahmins who faught war against Khstariyas with Lord Parshuram and adopt a warrior nature and left Brahmin karmkand so they were Brahmins by birth and khstriyas by there karma.After the victory from Khstatriyas 21 time they left taking bhikshas and become a great landholders martial brahmin by the blessings of lord parshuram.

त्यागी--जन्म से ब्राह्मण और कर्म से क्षत्रिय रहने वाले ब्राह्मण थे, जिनका उदय भगवन परशुराम के क्षत्रियो के युद्ध के समय हुआ था। भगवन परशुराम सबसे पहले त्यागी थे, जिन्होंने ब्राह्मणों में सबसे पहले शस्त्र उठाये थे व क्षत्रियो से युद्ध के लिये भार्गवों की सेना बनाई जिसमे वे सभी ब्राह्मण विजयी हुए व कालान्तर में त्यागी, आदि नामो से जाने गये व युद्ध में जीती हुई जमीन पर खेती करनी शुरू कर अपने जीवन का व्यापन करने लगे। यह जाति सबस प्राचीन जमींदार जातियों में से एक है।

वर्तमान में यह खेती करने वाली जमींदार जाति है। त्यागी" नाम पंडिताई का त्याग करने के कारण मिला था व् ये अयाचक श्रेणी वाले ब्राह्मण होते थे जिन्होंने भिक्षा का त्याग किया था।

शास्त्री जब शस्त्र उठता है तब वह त्यागी कहलाता है।।

त्यागी, ब्राह्मणों के लिए उसी प्रकार है, जिस तरह हिन्दुओ के लिए सिख समुदाय था ।।

मोहयालो के इतिहास से ये बात स्पस्ट होती है कि इन त्यागी मोहयाल आदि ब्राह्मणों के पूर्वज सप्तऋषि थे जिनका अयाचक और क्षत्रिय प्रवति वाला स्वाभाविक उदय भगवान परशुराम जी के समय धर्म की रक्षा हेतु 7600 विक्रमसंवत पूर्व हुआ था । समस्त सप्तऋषि इस प्रकार है--

1)अगस्त्य

2)अत्रि

3)भरद्वाज

4)गौतम

5)जमदग्निपरशुराम जी के पिता

6)वशिष्ट

7) विश्वमित्रा

कुछ लोगों की धारणानुसार महाभारत के अंत में आर्यावर्त के राजा अर्जुन के पौत्र राजा जनमजेय के समय ही एक बड़ा समूह कुरु राज्य में 2500 गाँव रहने और खेती करने के लिए बसे।इसी कारण त्यागी दिल्ली के चारो तरफ त्यागी-जनसंख्या की बहुलता है।

त्यागियों के उदय का प्रमाण श्रृंगी ऋषि की योगिक प्रवचन माला पुस्तक में मिलता है जिसके लेेेखक ब्रह्मचारि कृष्ण दत्त जी महाराज है।अधिक जानकारी ब्रह्मऋषि वंश विस्तार पुस्तक से भी ले सकते है।

                                     
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