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ⓘ बेसल फलन. बेसल के अवकल समीकरण के विहित हलों को बेसल फलन कहते हैं। बेसल के अवकल समीकरण का सामान्य रूप नीचे दिया गया है- x 2 d 2 y d x 2 + x d y d x + x 2 − α 2 y ..

बेसल फलन
                                     

ⓘ बेसल फलन

बेसल के अवकल समीकरण के विहित हलों को बेसल फलन कहते हैं। बेसल के अवकल समीकरण का सामान्य रूप नीचे दिया गया है-

x 2 d 2 y d x 2 + x d y d x + x 2 − α 2 y = 0 {\displaystyle x^{2}{\frac {d^{2}y}{dx^{2}}}+x{\frac {dy}{dx}}+x^{2}-\alpha ^{2}y=0}

इसमें α जिसे बेसल फलन का आर्डर कहते हैं कोई वास्तविक या समिश्र संख्या है। सबसे आम और महत्वपूर्ण स्थितियाँ α के पूर्णांक अथवा अर्ध पूर्णांक मानों के लिये आती हैं।

इन फलनों की परिभाषा सर्वप्रथम बर्नौली Daniel Bernoulli ने की थी और बाद में बेसल Friedrich Bessel ने इनका सामान्यीकरण किया। बेसल फलनों को बेफलन cylinder functions या बेलन सन्नादी cylindrical harmonics भी कहते हैं क्योंकि ये लाप्लास समीकरण को बेलनी निर्देशांक प्रणाली में बदलकर हल करने से प्राप्त होते हैं।

                                     

1. बेसल फलनों के उपयोग

लाप्लास समीकरण और हेल्महोल्त्स समीकरण Helmholtz equation का बेलनी निर्देशांक प्रणाली में या गोलीय निर्देशांक प्रणाली में जब विलगनीय हल separable solutions पाने की कोशिश की जाती है तो बेसल फलन सामने आता है। इस कारण बेसल फलन तरंग गति और स्थतिक विभव static potentials की समस्याओं के लिये विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। जब बेलनी निर्देशांक प्रणाली में समस्याओं के हल निकालने की कोशिश की जाती है तो पूर्णांक आर्डर वाले बेसल फलन α = n प्राप्त होते हैं; और जब गोलीय निर्देशांक में कल निकालते हैं तो अर्ध-पूर्णांक आर्डर α = n + ½ वाले बेसल फलन मिलते हैं।

उदाहरण के लिये-

  • Solving for patterns of acoustical radiation
  • Modes of vibration of a thin circular or annular artificial membrane such as a drum or other membranophone
  • Solutions to the radial Schrödinger equation in spherical and cylindrical coordinates for a free particle
  • Heat conduction in a cylindrical object
  • Diffusion problems on a lattice
  • Electromagnetic waves in a cylindrical waveguide

उपरोक्त के अलावा बेसल फलनों के अन्य गुण भी हैं जिनका अन्य प्रकार की समस्याओं में उपयोग किया जा सकता है; जैसे संकेत प्रसंस्करण signal processing में। देखें एफ एम संश्लेषण FM synthesis, कैसर विण्डो Kaiser window या बेसल फिल्टर)

                                     

2. बेसल फलनों के लिये व्यंजक एक्सप्रेशन

α = n पूर्णांक के लिये बेसल फलन को प्रथम प्रकार के बेसल फलन Bessel functions of first kind कहते हैं और इसे J n {\displaystyle J_{n}} द्वारा निरूपित किया जाता है। यह एक अनन्त श्रेणी है -

J n x = x 2 n ∑ p = 0 ∞ − 1 p 2 p p! n + p! x 2 p {\displaystyle J_{n}x=\left{x \over 2}\right^{n}\sum _{p=0}^{\infty }{-1^{p} \over 2^{2p}p!n+p!}x^{2p}}

निम्नलिखित फलन को द्वितीय प्रकार का बेसल फलन Bessel functions of second kind या न्यूमान फलन Neumann function कहते हैं।

Y n x = lim λ → n J λ x cos ⁡ λ π − J − λ x sin ⁡ λ π {\displaystyle Y_{n}x=\lim _{\lambda \to n}{J_{\lambda }x\cos\lambda \pi-J_{-\lambda }x \over \sin\lambda \pi}}

निम्नलिखित फलन प्रथम प्रकार के बेसल फलनों का सामान्यीकृत रूप है जो &alpha के पूर्णांक एवं अपूरर्णांक सभी मानों के लिये पारिभाषित है।

J α x = ∑ m = 0 ∞ − 1 m m! Γ m + α + 1 2 x 2 m + α {\displaystyle J_{\alpha }x=\sum _{m=0}^{\infty }{\frac {-1^{m}}{m!\,\Gamma m+\alpha +1}}{\left{\tfrac {1}{2}}x\right}^{2m+\alpha }\,}

जहाँ Γz को गामा फलन gamma function कहते हैं जो फैक्टोरियल फलन का सामान्यीकृत रूप है।

                                     

2.1. बेसल फलनों के लिये व्यंजक एक्सप्रेशन बेसल समाकल Bessels integrals

n {\displaystyle n} के पूर्णांक मानों के लिये बेसल फलन की एक अन्य परिभाषा भी सम्भव है। यह परिभाषा समाकल का उपयोग करके दी जाती है-

J n x = 1 π ∫ 0 π cos ⁡ n τ − x sin ⁡ τ d τ. {\displaystyle J_{n}x={\frac {1}{\pi }}\int _{0}^{\pi }\cosn\tau -x\sin \tau\,\mathrm {d} \tau.}

एक अन्य समाकल निरूपण निम्नलिखित है-

J n x = 1 2 π ∫ − π e − i n τ − x sin ⁡ τ d τ. {\displaystyle J_{n}x={\frac {1}{2\pi }}\int _{-\pi }^{\pi }e^{-\mathrm {i} \,n\tau -x\sin \tau}\,\mathrm {d} \tau.}

इसी तरीके का प्रयोग बेसल ने मूलतः किया था और इसी परिभाषा से ही उन्होने इस फलन के अनेक गुण निकाले थे। इस परिभाषा को गैर-पूर्णंकों के लिये निम्न प्रकार से विस्तारित कर सकते हैं ℜ x > 0 {\displaystyle \Re x> 0} के लिये):

J α x = 1 π ∫ 0 π cos ⁡ α τ − x sin ⁡ τ d τ − sin ⁡ α π ∫ 0 ∞ e − x sinh ⁡ t − α t d t, {\displaystyle J_{\alpha }x={\frac {1}{\pi }}\int _{0}^{\pi }\cos\alpha \tau -x\sin \tau\,d\tau -{\frac {\sin\alpha \pi}{\pi }}\int _{0}^{\infty }e^{-x\sinht-\alpha t}\,dt,}

या, α > − 1 2 {\displaystyle \alpha > -{\frac {1}{2}}} के लिये, बेसल फलन को निम्नलिखित फलन द्वारा भी निरूपित कर सकते हैं-

J α x = 1 2 α − 1 Γ α + 1 2 π x α ∫ 0 x 2 − τ 2 α − 1 / 2 cos ⁡ τ d τ. {\displaystyle J_{\alpha }x={\frac {1}{2^{\alpha -1}\Gamma \alpha +{\frac {1}{2}}{\sqrt {\pi }}\,x^{\alpha }}}\int _{0}^{x}x^{2}-\tau ^{2}^{\alpha -1/2}\cos \tau \,d\tau.}
                                     

3. बेसल फलनों के मूल

बेसल फलनों के मूल zeroes का ज्ञान कईस्थितियों में उपयोगी होता है। नीचे की सारणी में 0, 1 तथा 2 आर्डर वाले, प्रथम प्रकार के बेसल फलनों के तीन-तीन मूल दिये गये हैं-

                                     
  • ह यह प र य कत स ख य क और क रमचय - स चय म उपय ग म आत ह ब ट फलन ब सल फलन Pascal Sebah and Xavier Gourdon. Introduction to the Gamma Function.
  • स थ प त क य धन त मक सम स ख य ओ पर र म न ज ट फलन क म न आयलर द व र अभ कल त क य गय इनम प रथम ζ 2 ब सल समस य क हल प रद न करत ह सन म एप र
  • क र य क ब सल समस य तक व स त र त क य ब द म उनक य क र य फलन क सम करण क र प म पर णत ह आ ज स अब ड र ख ल ईट फलन और र म न ज ट फलन क न म स
  • द व र व यक त क ज त ह इनम स क छ क ह हल स ध रण फलन ज य क ज य लघ घ त य, ब सल आद क पद म प रकट क य ज सकत ह ल क न इ ज न यर म

शब्दकोश

अनुवाद
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