पिछला

ⓘ ब्यास नदी. चेनाब नदी ब्यास पंजाब भारत हिमाचल में बहने वाली एक प्रमुख नदी है। नदी की लम्बाई 470 किलोमीटर है। पंजाब भारत की पांच प्रमुख नदियों में से एक है। इसका ..


ब्यास नदी
                                     

ⓘ ब्यास नदी

चेनाब नदी

ब्यास पंजाब भारत हिमाचल में बहने वाली एक प्रमुख नदी है। नदी की लम्बाई 470 किलोमीटर है। पंजाब भारत की पांच प्रमुख नदियों में से एक है। इसका उल्लेख ऋग्वेद में केवल एक बार है। बृहद्देवता में शतुद्री या सतलुज और विपाशा का एक साथ उल्लेख है।

                                     

1. इतिहास

ब्यास नदी का पुराना नाम ‘अर्जिकिया’ या ‘विपाशा’ था। यह कुल्लू में व्यास कुंड से निकलती है। व्यास कुंड पीर पंजाल पर्वत शृंखला में स्थित रोहतांग दर्रे में है। यह कुल्लू, मंडी, हमीरपुऔर कांगड़ा में बहती है। कांगड़ा से मुरथल के पास पंजाब में चली जाती है। मनाली, कुल्लू, बजौरा, औट, पंडोह, मंडी, सुजानपुर टीहरा, नादौन और देहरा गोपीपुर इसके प्रमुख तटीय स्थान हैं। इसकी कुल लंबाई 460 कि॰मी॰ है। हिमाचल में इसकी लंबाई 260 कि॰मी॰ है। कुल्लू में पतलीकूहल, पार्वती, पिन, मलाणा-नाला, फोजल, सर्वरी और सैज इसकी सहायक नदियां हैं। कांगड़ा में सहायक नदियां बिनवा न्यूगल, गज और चक्की हैं। इस नदी का नाम महर्षि ब्यास के नाम पर रखा गया है। यह प्रदेश की जीवनदायिनी नदियों में से एक है।

                                     

2. स्थिति

इस नदी का उद्गम मध्य हिमाचल प्रदेश में, वृहद हिमालय की जासकर पर्वतमाला के रोहतांग दर्रे पर 4.361 मीटर की ऊंचाई से होता है। यहाँ से यह कुल्लू घाटी से होते हुये दक्षिण की ओर बहती है। जहां पर सहायक नदियों को अपने में मिलाती है। फिर यह पश्चिम की ओर बहती हुई मंडी नगर से होकर कांगड़ा घाटी में आ जाती है। घाटी पार करने के बाद ब्यास पंजाब भारत में प्रवेश करती है व दक्षिण दिशा में घूम जाती है और फिर दक्षिण-पश्चिम में यह 470 कि॰मी॰ बहाने के बाद आर्की में सतलुज नदी में जा मिलती है। व्यास नदी 326 ई. पू. में सिकंदर महान के भारत आक्रमण की अनुमानित पूर्वी सीमा थी।

                                     

3. नामोल्लेख

वाल्मीकि रामायण में अयोध्या के दूतों की केकय देश की यात्रा के प्रसंग में विपाशा वैदिक नाम विपाश को पार करने का उल्लेख है। महाभारत में भी विपाशा के तट पर विष्णुपद तीर्थ का वर्णन है। विपाशा के नामकरण का कारण पौराणिक कथा के अनुसार इस प्रकार वर्णित है, कि वसिष्ठ पुत्र शोक से पीड़ित हो अपने शरीर को पाश से बांधकर इस नदी में कूद पड़े थे किन्तु विपाशा या पाशमुक्त होकर जल से बाहर निकल आए। महाभारत में भी इसी कथा की आवृत्ति की गई है। दि मिहरान ऑव सिंध एंड इट्ज़ ट्रिव्यूटेरीज़ के लेखक रेवर्टी का मत है कि व्यास का प्राचीन मार्ग 1790 ई. में बदल कर पूर्व की ओर हट गया था और सतलुज का पश्चिम की ओर और ये दोनों नदियाँ संयुक्त रूप से बहने लगी थीं। रेवर्टी का विचार है कि प्राचीन काल में सतलुज व्यास में नहीं मिलती थी। किन्तु वाल्मीकि रामायण में वर्णित है कि शतुद्रु या सतलुज पश्चिमी की ओर बहने वाली नदी थी। अत: रेवर्टी का मत संदिग्ध जान पड़ता है। ब्यास को ग्रीक लेखकों ने हाइफेसिस कहा है।

                                     

4. पर्यटन स्थल

  • ब्यास नदी के किनारे एक प्रमुख पर्यटन स्थल है कुल्लू । कुल्लू भारत के हिमाचल प्रदेश प्रान्त का एक शहर है। कुल्लू गर्मी के मौसम में लोगों का एक मनपसंद गंतव्‍य है। मैदानों में तपती धूप से बच कर लोग हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में शरण लेते हैं। यहां के मंदिर, सेब के बागान और दशहरा हजारों पर्यटकों को कुल्लू की ओर आकर्षित करते हैं। यहां के स्‍थानीय हस्‍तशिल्‍प कुल्लू की सबसे बड़ी विशेषता है।
  • मनाली कुल्लू घाटी के उत्तर में स्थित हिमाचल प्रदेश का लोकप्रिय हिल स्टेशन है। समुद्र तल से 2050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मनाली व्यास नदी के किनारे बसा है। गर्मियों से निजात पाने के लिए इस हिल स्टेशन पर हजारों की तादाद में सैलानी आते हैं। सर्दियों में यहां का तापमान शून्य डिग्री से नीचे पहुंच जाता है। आप यहां के खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के अलावा मनाली में हाइकिंग, पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग, ट्रैकिंग, कायकिंग जैसे खेलों का भी आनंद उठा सकते है। यहां के जंगली फूलों और सेब के बगीचों से छनकर आती सुंगंधित हवाएं दिलो दिमाग को ताजगी से भर देती हैं।
  • व्‍यास नदी के किनारे बसा हिमाचल प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल मंडी लंबे समय से व्‍यवसायिक गतिविधियों का केन्‍द्र रहा है। समुद्र तल से 760 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह नगर हिमाचल के तेजी से विकसित होते शहरों में एक है। कहा जाता है महान संत मांडव ने यहां तपस्‍या की और उनके पास अलौकिक शक्तियां थी। साथ ही उन्‍हें अनेक ग्रन्‍थों का ज्ञान था। माना जाता है कि वे कोल्‍सरा नामक पत्‍थर पर बैठकर व्‍यास नदी के पश्चिमी तट पर बैठकर तपस्‍या किया करते थे। यह नगर अपने 81 ओल्‍ड स्‍टोन मंदिरों और उनमें की गई शानदार नक्‍कासियों के लिए के प्रसिद्ध है। मंदिरों की बहुलता के कारण ही इसे पहाड़ों के वाराणसी नाम से भी जाना जाता है। मंडी नाम संस्‍कृत शब्‍द मंडोइका से बना है जिसका अर्थ होता है खुला क्षेत्र।
                                     

5. विद्युत परियोजनाएँ

ब्यास नदी और सतलुज नदी के लिंक से एक विद्युत परियोजना बिकसित की गयी है। प्रथम यूनिट के अंतर्गत यह पंडोह में 4711 मिलियन क्‍यूमेक 3.82 एम.ए.एफ. ब्‍यास जल को 1000 फीट नीचे सतलुज में अपवर्तित करती है। इस बिंदु पर देहर विद्युत गृह की अधिष्‍ठापित क्षमता 990 मेगावाट है, इसके बाद टेल रेस जल सतलुज से बहता हुआ भाखडा के गोबिन्‍दसागर जलशाय में एकत्रित हो जाता है। पंडोह से देहर तक अपवर्तन 38 कि॰मी॰ लम्‍बी जल संवाहक प्रणाली द्वारा होता है जिसमें संयुक्‍त रूप से 25 कि॰मी॰ लम्‍बी एक खुली चैनल तथा दो सुंरगें सम्मिलित हैं। ब्‍यास तथा सतलुज का कुल जलग्रहण क्षेत्र क्रमश: 12560 कि॰मी॰ तथा 56860 कि॰मी॰ है।

ब्‍यास परियोजना की द्वितीय यूनिट के अंतर्गत तलवाड़ा के मैदानी भाग में प्रवेश करने से ठीक पहले ब्‍यास नदी पर पौंग बांध है, जिसका सकल भण्‍डारण 435 फुट अर्थ कोर ग्रैवल शैल डैम के पीछे 8572 मिलियन क्‍यूमेक 6.95 एम.ए.एफ. है। बांध के आधापर स्थित विद्युत संयंत्र की अधिष्‍ठापित क्षमता 360 मेगावाट है।

                                     

6. विवाद

देश में रावी और ब्यास नदी जल विवाद काफी पुराना है। यह भारत के दो राज्यों पंजाब भारत और हरियाणा के बीच रावी और ब्यास नदियों के अतरिक्त पानी के बंटवारे को लेकर हैं। मुकदमे सालों से अदालतों में हैं।

                                     
  • उल ल ख बह त कम आय ह क य क अलक ष द र क स न ए ब य स नद स ह व पस चल गई थ और उन ह ब य स क प र व म स थ त द श क ज नक र बह त थ ड ह सक
  • एक नद ह ज प ज ब क ह श य रप र ज ल क म क र य तहस ल क ग र म घन आ क प स स ब य स नद स न कल ह और द ब र हर क छम ब म ज कर ब य स नद म
  • प र च न नद घ ट सभ यत ओ म स एक प रम ख सभ यत थ ब य स नद च न ब नद ग र नद ग लग त नद ग मल नद ह नज नद झ लम नद क ब ल नद क न र नद क र रम नद प नजन द
  • द खन क ल ए व श ष स थल ह - ब य स नद क उदगम और व द ब य स ऋष म द र इस दर र स ब य स नद क उदगम ह आ ह ब य स क ड ब य स नद क उदगम क स थ न ह वह
  • Kullu Valley भ रत क ह म चल प रद श र ज य म स थ त एक ह म लय क घ ट ह ब य स नद इसम मन ल स आग बहत ह यह ध ट अपन म द र और च ड व द वद र स ढक
  • प स प ज ब क प रस द ध प च नद य क न र म ण क ल ए सतलज नद क स थ व लय ह त ह ब य स नद भ रत क फ र जप र क प स सतलज नद म म लत ह सतल ज म थनक ट
  • प रबत नद ब य स नद क सह य क ह यह भ रत य र ज य ह म चल प रद श म क ल ल शहर स तकर बन 10 क ल म टर दक ष ण स ह कर बहत ह
  • अक त बर, 1967 स ह आ ब य स पर य जन क क र य प र ण ह न पर भ रत सरक र द व र प ज ब प नर गठन अध न यम 1966 क ध र 80 क अन स र ब य स न र म ण ब र ड ब स
  • ह स ध नद दक ष ण क ओर बहत ह और प जनद स ज कर म ल ज त ह ज म थनक ट क ऊपर ह प जनद न म प ज ब क प च नद य अर थ त सतल ज, ब य स र व च न ब
  • ग र म ख ਮ ਝ प ज ब क एक क ष त र ह ज ब य स और सतल ज नद य क द ह न क न र स थ त ह यह उत तर म झ लम नद तक फ ल ह आ ह प ज ब भ ष इस क ष त र
  • करत ह और दक ष ण - पश च म म ब य स Beas नद क घ ट क प र ज सव न Jaswan पर वतम ल तक फ ल ह आ ह ग ज Gaj और ब य स क मध य म ज उपज ऊ म द न स थ त
                                     
  • झ लम नद और च न ब नद क ब च क क ष त र ज च द आब कहल त ह च न ब नद और र व नद क ब च क क ष त र र चन द आब कहल त ह र व नद और ब य स नद क ब च
  • अजय नद अलकन द नद आमनत नद अमर वत नद अर क वत नद अत रई नद ब तरण नद बल न नद बन स नद बर क नद बरक र नद ब य स नद ब रछ नद ब तव नद भद र नद भ ग रथ
  • ह म चल प रद श क ज ल मण ड क सरक घ ट तहस ल क अन तर ग त बसन व ल एक स न दर ग व ह यह ब य स नद क क न र म बस ह ग व क आब द लगभग 1000 ह
  • ह यह क स न दरत क स भ य त र क मन आस न स म ह सकत ह भ खड ब य स प रब धन ब र ड ब ब एमब ब ध क व क स, प रब धन, और ब ध क रखरख व क ल ए
  • स थन य भ ष म त द भ कहत ह यह अप र ल स ज न तक ह त ह क गड ब य स घ ट श व ल क पर वत श खल म ड ब ल सप र, ऊन आद क ष त र म गर म
  • य न न इत ह सक र न इस ह इड र स टर और रह आद स क न म द य थ ब य स नद ब य स नद क प र न न म अर ज क य य व प श थ यह क ल ल म व य स क ड
  • क स थ आए त इसक प र ण र प स सक र य न र म ण क र य प र म भ ह आ भ खड - न गल ब ध पर य जन क व क स त मक इत ह स भ खड ब य स प रबन ध ब र ड क ज ल.घर
  • सर व च च श ख ल ह सतल ज नद क क न र यह ह म लय क म ख य भ ग स अलग ह कर अपन एक तरफ ब य स और र व नद य और द सर तरफ च न ब नद रखकर चलन लगत ह पश च म
  • कट च र ज मह र ज जय स ह क न म क ब द न म त क य गय थ जयस हप र ब य स नद क क न र क गड हम रप र व म ड क स गम स थल ह यह अपन च ग न क ल य
  • प ज ब एव हर य ण क म द न इल क क स च ई र व ब य स और सतल ज नद य द व र क ज त ह इन नद य पर स च ई पर य जन ओ म ह ई प रगत क क रण प न क
                                     
  • त र थन नद क छ र पर स थ त ह ब ज र ट र उट मछल य क व यवस य क ल ए प रस द ध ह नग गर इस स थ न क सम द र तल स ऊ च ई 1760 म टर ह यह ब य स क ब य
  • नद य क द श क र प म क य ज सकत ह ब य स र व सतलज, च न ब और झ लम नद य स ध नद क क छ ह स स प ज ब म भ ह ल क न इस प च नद य म
  • उत प दन, सभ त न नद क घटन क रम प रक त स ज ड स च ई म बह उद द श य ह तलव ड क म द न भ ग म प रव श क र प म ब य स ब ध ब य स नद पर बन य गय
  • स न ध नद प रण ल म त न पश च म नद य - स ध झ लम और च न ब और त न प र व नद य - सतल ज, ब य स और र व श म ल ह इस स ध क अन स र र व ब य स और सतल ज
  • ब य स NZA, क श य क ट ल तहस ल म भ रत क उत तर खण ड र ज य क अन तर गत क म ऊ मण डल क न न त ल ज ल क एक ग व ह उत तर खण ड क ज ल उत तर खण ड क नगर
  • गय ह स ध नद और इसक कई प र व सह यक नद य च न ब, र व सतलज, झ लम, ब य स प ज ब क अध क श ह स स म फ ल ह ई ह स ध नद क म द न पश च म
  • रहन लग व न त य स बह जल द उठ ज त व ग र अ गद द व ज क स न न क ल ए ब य स नद स जल ल त और ग र क ल गर ल ए ज गल स लकड य क ट कर ल त ग र अ गद
  • इन जगह म प रड र यसन, कस ल न गर और ज य प रम ख ह इसक स थ ह ब य स नद म व टर र फ ट ग क मज ल य ज सकत ह इन सबक अल व यह ट र क ग
  • ह कतल क अण ड ग ल क र, प रदर ष हल क ल ल र ग क लगभग 2 स 2.5 म म ब य स क ज न ष च न ह न पर प न म फल कर 4.4 स 5 म म तक ह ज त ह ह च ग

शब्दकोश

अनुवाद
Free and no ads
no need to download or install

Pino - logical board game which is based on tactics and strategy. In general this is a remix of chess, checkers and corners. The game develops imagination, concentration, teaches how to solve tasks, plan their own actions and of course to think logically. It does not matter how much pieces you have, the main thing is how they are placement!

online intellectual game →