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ⓘ सम्यक् ज्ञान. जैन धर्म में सात तत्वों का यथार्थ ज्ञान सम्यक ज्ञान कहलाता है| इसके पांचभेद है १ मतिज्ञान -इन्द्रियों और मन के निमित्त से होने वाले ज्ञान को मतिज् ..

                                     

ⓘ सम्यक् ज्ञान

जैन धर्म में सात तत्वों का यथार्थ ज्ञान सम्यक ज्ञान कहलाता है|

इसके पांचभेद है

१ मतिज्ञान -इन्द्रियों और मन के निमित्त से होने वाले ज्ञान को मतिज्ञान कहते है

२ श्रुतज्ञान - मतिज्ञान से जाने गए पदार्थ के विषय में विशेष जानने को श्रुतज्ञान कहते है

३ अवधिज्ञान - द्रव्य क्षेत्र कल भाव की मर्यादा लिए हुए रूपी द्रव्य के स्पष्ट प्रत्यक्ष ज्ञान को अवधि ज्ञान कहते है

४ मन:पर्यय - दुसरे के मन में स्थित रूपी द्रव्य के स्पष्ट ज्ञान को मन:पर्यय ज्ञान कहते है

५ केवलज्ञान - जो लोकालोक के तीनो कालो के समस्त पदार्थो को स्पष्ट प्रत्यक्ष एकसाथ जनता है उसे केवलज्ञान कहते है

                                     
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  • अन त शक त अन त ज ञ न और अन त स ख ह आत म और कर म प द गल क ब धन क क रण यह ग ण प रकट नह ह प त सम यक दर शन, सम यक ज ञ न सम यक चर त र क म ध यम
  • च क त स - ग रन थ क उपय ग क ब न भ म त र इस एक ग रन थ क सम यक उपय ग स सभ र ग क सम यक न द न क य ज सकत ह ह त - ल ग - औषध र प आय र व द क त र स कन ध
  • उप य म अष ट गम र ग सम यक द ष ट सम यक स कल प, सम यक व ण सम यक कर म, सम यक आज व, सम यक प रयत न, सम यक स म त तथ सम यक सम ध क व श ष महत व
  • स चन क ल ए कह व पश यन सम यक ज ञ न ह ज ज स ह उस ठ क व स ह द ख - समझकर ज आचरण ह ग वह सह और कल य णक र सम यक आचरण ह ग व पश यन ज वन क
  • 1. सम यक द ष ट - वस त ओ क यथ र थ स वर प क ज नन ह सम यक द ष ट ह 2. सम यक स कल प - आसक त द व ष तथ ह स स म क त व च र रखन ह सम यक स कल प
                                     
  • शर र द म नह और यह म र नह सम यक ज ञ न - सम यक ज ञ न प रगत न क ल ए भ द ज ञ न क स धन करन चह य भ द ज ञ न - ज स ज व क ज स द व य क ज स समय
  • द न क म ल क अन द स बत य गय ह ज स रत न त रय सम यक दर शन, सम यक ज ञ न और सम यक चर त र क म ध यम स प र णत प थक क य ज सकत ह स यम
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  • और सर व च च आत म य भगव न म न ज त ह ज न दर शन द रव य ज न दर शन सम यक ज ञ न प ष ठ क रम क प स तक भ रत य दर शन ल ख क श भन न गम आई ऍस ब ऍन 978 - 81 - 208 - 2416 - 4
  • मह भ रत क व पर व ह श न त पर व म धर म, दर शन, र ज न त और अध य त म ज ञ न क व शद न र पण क य गय ह इसक अन तर गत उपपर व ह - र जधर म न श सन पर व
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  • सम व श ह त ह व श वक श क अर थ ह व श व क समस त ज ञ न क भ ड र अत: व श वक श वह क त ह ज सम ज ञ न क सभ श ख ओ क सन न व श ह त ह इसम वर ण न क रम क
  • ज सक अन स र इसक अर थ सम यक ख य त स ध दर शन अथव सत य ज ञ न ह स ख य च र य क यह सम यक ख य त उनक यह सत य ज ञ न व यक त व यक त र प द व व ध
  • ह ज सबक ल ए ज ञ न क द व र ख ल द और उन ह न य भ बत य क क वल व द व न ह न ह पर य प त नह ह व द व न वह ह ज अपन क ज ञ न क र शन स सबक
  • प ड तप ज कमलबत त स ज ग र थ ध र ज क रचन क ज सम म ख य र प स सम यक दर शन सम यक ज ञ न व सम यक च र त र क वर णन क य ह इसम प ज य ग र द व न श र वक च र
  • ञ णकथ क पहल स थ न इसल य द य गय ह क य क सम यक द ष ट ह ब द धद श त म र ग क प रथम अ ग ह ज ञ न स म थ य द ष ट द र ह ज त ह इसल य ञ णकथ क
  • यह अन क लन ह फ ज य ल ज क अध क श ज ञ न द न क ज वन और र ग य क अध ययन स उपलब ध ह आ ह पर त क छ ज ञ न प र ण य पर क ए गए प रय ग स भ उपलब ध
  • क स थ क म करत - करत उन ह न कव त न टक एव स ह त य क सम बन ध म सम यक ज ञ न प र पत क य नजर ल न लगभग ग न क रचन क तथ स थ ह अध क श क

शब्दकोश

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