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ⓘ हरेकृष्ण मेहेर. रेवेन्शा महाविद्यालय कटक में अध्ययन पूर्वक उत्कल विश्वविद्यालय से बी.ए. संस्कृत आनर्स, प्रथम श्रेणी में प्रथम १९७५ ; बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय ..


                                     

ⓘ हरेकृष्ण मेहेर

रेवेन्शा महाविद्यालय कटक में अध्ययन पूर्वक उत्कल विश्वविद्यालय से बी.ए. संस्कृत आनर्स, प्रथम श्रेणी में प्रथम १९७५ ; बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय से तीन उपाधियाँ * * एम्.ए. संस्कृत, स्वर्णपदक प्राप्त १९७७, पीएच्.डी. संस्कृत १९८१, डिप्लोमा इन् जर्मन् १९७९।

  • एम्.ए. संस्कृत परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्ति हेतु बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय-स्वर्णपदक, श्रीकृष्णानन्द पाण्डेय सहारनपुर-स्वर्णपदक, काशीराज-पदक एवं पुरस्कार से सम्मानित।
  • बी.ए. संस्कृत आनर्स में सर्वोच्च स्थान अधिकार हेतु रेवेन्शा महाविद्यालय से जगन्नाथ मिश्र स्मारकी पुरस्कार प्राप्त।
                                     

1. सारस्वत-सेवा

ओड़िआ, हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत एवं कोशली – इन पाँच भाषाओं में हरेकृष्ण मेहेर की मौलिक कृतियाँ एवं अनेक श्रेष्ठ काव्यकृतियों के छन्दोबद्ध अनुवाद हैं। ऊनके अनुवादों में स्वभावकवि गंगाधर मेहेर-प्रणीत ओड़िआ काव्य "तपस्विनी" के त्रिभाषी हिन्दी-अंग्रेजी-संस्कृत अनुवाद, कालिदास-कृत मेघदूत-काव्य का कोशली गीत-रूपान्तर एवं भर्तृहरि-कृत नीति-शृंगार-वैराग्य-शतकत्रय के ओड़िआ पद्यानुवाद उल्लेखनीय हैं। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की पत्रपत्रिकाओं में शोधलेख, प्रबन्ध और कविता आदि प्रकाशित हैं। विश्‍वसंस्कृत-सम्मेलनों, राज्य-स्तरीय अनेक सम्मेलनों एवं संगोष्ठियों में शोधलेख परिवेषण सहित कवि-सम्मेलनों में मौलिक कवितापाठ और सक्रिय योगदान रहा है। आकाशवाणी-दूरदर्शन आदि में लेख, परिचर्चा और कविताएँ प्रसारित हैं। संस्कृत के सरलीकरण और आधुनिकीकरण की दिशा में उनके विशेष प्रयत्न एवं अवदान प्रशंसनीय हैं।

समकालिक संस्कृत साहित्य में परम्परा और आधुनिकता के प्रसंग में डॉ॰ मेहेर समन्वयवादी सारस्वत साधक हैं। मौलिक नवीन छन्दों की उद्‌भावना सहित अपनी गीतियों की स्वर-रचना एवं परिवेषण उनकी कवि-प्रतिभा की विशेषता है। उनका आधुनिक गीतिकाव्य "मातृगीतिकांजलिः" साम्प्रतिक संस्कृत साहित्य में एक अभिनव लोकप्रिय कृति है। इसके अतिरिक्‍त उनकी संस्कृत कृतियों में पुष्पांजलि-विचित्रा, सारस्वतायनम्, सौन्दर्य-सन्दर्शनम्, सावित्रीनाटकम्, जीवनालेख्यम्, मौन-व्यंजना आदि उल्लेखनीय हैं।।

कवि-परम्परा से मौलिक सर्जनात्मक-प्रतिभासम्पन्न डॉ॰ मेहेर की भाषा-साहित्य एवं संगीत कला में विशष अभिरुचि। कई उपलक्ष्यों में स्वरचित संस्कृत-गीतियाँ एवं कोशली गीत एकल तथा वृन्दगान के रूप में परिवेषित।

हाथरस उत्तरप्रदेश की लोकप्रिय ‘संगीत’ पत्रिका में अपनी मौलिक नवीन छन्दोबद्ध संस्कृत गीतियों सहित स्वरचित स्वरलिपियाँ प्रकाशित। डॉ॰ मेहेर-कृत संस्कृत-गीत "नववर्ष-गीतिका" की प्रसिद्ध संगीतकार पण्डित एच्. हरेन्द्र जोशी-रचित स्वरलिपियाँ भी वहाँ प्रकाशित। उनकी" नववर्ष-गीतिका” की आडियो कैसेट् एवं वीडियो कैसेट् मध्यप्रदेश की रतलाम एवं जावरा आदि नगरियों में स्थानीय टी.वी. चैनलों पर प्रसारित।

प्रमुख साहित्यिक एवं सांस्कृतिक अनुष्ठानों द्वारा सम्मान प्राप्त:

  • एवार्ड् अफ़् एप्रिशिएशन् जयदेव उत्सव- २००८-ओड़िशी एकाडेमी, लोधीमार्ग, नई दिल्ली।
  • हरिप्रियामुण्ड-स्मारकी गंगाधर मेहेर सम्मान २०१०।
  • विद्यारत्‍न प्रतिभा सम्मान २००५।
  • जयकृष्ण मिश्र काव्य सम्मान २००३,
  • आचार्य प्रफुल्लचन्द्र-राय स्मारक सम्मान २०१०- अकादेमी अफ्‌ बेंगली पोएट्रि, कोलकाता।
  • गंगाधर सम्मान- अशोक चन्दन स्मृति पुरस्कार २००९।
  • गंगाधर सम्मान २००२,
  • गंगाधर सारस्वत सम्मान २००२,
                                     

1.1. सारस्वत-सेवा कर्मक्षेत्र

  • १९८१ से ओड़िशा शिक्षा सेवा ओ. ई. एस्. में संस्कृत अध्यापक के रूप में डॉ॰ मेहेर कार्यरत हैं। सरकारी पंचायत महाविद्यालय बरगड़ एवं फकीरमोहन महाविद्यालय बालेश्‍वर में अध्यापना के उपरान्त सम्प्रति सरकारी स्वयंशासित महाविद्यालय, भवानीपाटना, ओड़िशा में संस्कृत विभाग के वरिष्ठ रीडर एवं विभागाध्यक्ष हैं।
                                     

2. प्रकाशित कृतियाँ

१ पीएच्. डी. शोधग्रन्थ Philosophical Reflections in the Naisadhacarita ISBN:81-85094-21-7 प्रकाशक: पुन्थि पुस्तक, ३६/४ बि, विधान सरणी, कोलकाता, १९८९.

२ मातृगीतिकांजलिः मौलिक संस्कृत गीतिकाव्य प्रकाशक: कलाहाण्डि लेखक कला परिषद, भवानीपाटना, ओड़िशा, १९९७.

३ नैषध-महाकाव्ये धर्मशास्त्रीय-प्रतिफलनम् संस्कृत आलोचना प्रकाशक: धर्मशास्त्र विभाग, श्रीजगन्नाथ संस्कृत विश्‍वविद्यालय, पुरी, १९९४.

४ साहित्यदर्पण – अळंकार ISBN: 81-7411-12-7 प्रकाशक: विद्यापुरी, बालु बजार, कटक, ओड़िशा, १९९५.

५ श्रीकृष्ण-जन्म, १९७७

६ श्रीरामरक्षा-स्तोत्र शिवरक्षा-स्तोत्र सहित अनुवाद, १९७७

७ शिवताण्डव-स्तोत्र, १९७८

८ विष्णु-सहस्र-नाम, १९७८

९ गायत्री-सहस्र-नाम, १९८२ प्रकाशक: वाणी भण्डार, ब्रह्मपुर, गंजाम, ओड़िशा

१० मनोहर पद्यावली संपादित, १९८५. प्रकाशक: नारायण भरसा मेहेर, मनोहर कवितावास, सिनापालि, ओड़िशा

११ तपस्विनी गंगाधर-मेहेर- कृत तपस्विनी- काव्य का सम्पूर्ण हिन्दी अनुवाद प्रकाशक: सम्बलपुर विश्‍वविद्यालय, ज्योतिविहार, बुर्ला, सम्बलपुर, ओड़िशा, २०००.

१२ Tapasvini of Gangadhara Meher गं‍गाधर-मेहेर- कृत "तपस्विनी" काव्य का संपूर्ण अंग्रेजी अनुवाद ISBN: 81-87661-63-1. Publisher: R. N. Bhattacharya, A-217, Road No. 4, HB Town, Sodepur, Kolkata, 2009.

१३ कोशली मेघदूत कालिदास-कृत मेघदूत-काव्य का सम्पूर्ण कोशली गीत-रूपान्तर Published by: Trupti Prakashan, Bhubaneswar-2, Orissa. First Edition: 2010 ISBN: 13 978-93-80758-03-9.

१४ साहित्यिक त्रैमासिक बर्त्तिका मुखपत्र के विविध शारदीय विशेषांकों में प्रकाशित:

  • वैराग्य-शतक भर्त्तृहरि-कृत काव्य का ओड़िआ पद्यानुवाद
  • नैषधचरित-नवमसर्ग श्रीहर्ष-कृत काव्य का ओड़िआ पद्यानुवाद
  • शृंगार-शतक भर्त्तृहरि-कृत काव्य का ओड़िआ पद्यानुवाद
  • नीतिशतक भर्त्तृहरि-कृत काव्य का ओड़िआ पद्यानुवाद
  • कालिदास-कृत रघुवंश-द्वितीय सर्ग, कुमारसम्भव के प्रथम, द्वितीय, पंचम, सप्तम एवं अष्टम सर्गों के ओड़िआ पद्यानुवाद।

१५" बर्षा” कविवर-राधानाथ-राय-कृत ओड़िआ कविता का संस्कृत श्‍लोकानुवाद लोकभाषा-प्रचार-समिति पुरी की लोकभाषा-सुश्री: मुखपत्रिका में प्रकाशित।

                                     

3. सहायक सूची

  • English Tapasvini: Muse India, e-journal।
  • सृजनगाथा: Srijangatha Hindi e-magazine

गंगाधर मेहेर की कवितायें:

गंगाधर मेहेर -एक अमर प्रतिभा:

समन्वय के देवता दारुब्रह्म श्रीजगन्नाथ:

साहित्य में मूल्यबोध:

व्यासकवि फकीरमोहन सेनापति:

उत्कलगौरव मधुसूदन दास:

  • The Lied and Art Song
  • कवितायें
  • तपस्विनी काव्य -अंग्रेजी अनुवाद- लेख
  • काव्यालय - गंगाधर मेहेर
                                     
  • Literature भ रत य स ह त य क ज ल - प स तक लय एव ल खक और कव य क ब र म ज नक र क ल ए स प र ण स र त प स तक स ह त य म म ल यब ध - ड हर क ष ण म ह र
  • फक रम हन एव प र मचन द - य द न स व ध नच त मह न कथ क र व स तव म च रस मरण य एव अमर ह ओड य स ह त य व य सकव फक रम हन स नपत ड हर क ष ण म ह र

शब्दकोश

अनुवाद
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