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ⓘ गद्दी नगली गाँव उत्तर प्रदेश में रामपुर जिले की स्वार तहसील के अन्तर्गत आता है । गद्दीनगली की पंचायत चार गाँव का एक समूह है, जिसमें छिद्दावाला, मझरा तुर्राब खां ..


                                     

ⓘ गद्दी नगली

गद्दी नगली गाँव उत्तर प्रदेश में रामपुर जिले की स्वार तहसील के अन्तर्गत आता है । गद्दीनगली की पंचायत चार गाँव का एक समूह है, जिसमें छिद्दावाला, मझरा तुर्राब खां, हुसैनगंज गाँव शामिल हैं। गद्दी नगली गाँव में अन्य पिछड़ा वर्ग, छिद्दावाला गाँव में अनुसूचित जाति, मझरा तुर्राब खां और हुसैनगंज में सामान्य जाति सर्वाधिक है । गद्दी नगली पंचायत में कोई भी अनुसूचित जनजाति निवास नहीं करती है । ग्राम गद्दी नगली की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 2546 है । जिसमें 1277 पुरुष और 1269 महिलाएं हैं । गद्दी नगली पंचायत में 1954 मतदाता हैं ।

गद्दीनगली गांव के पड़ोसी गांव हैं-हकीमगंज,मझरा मोलाबक्स का,केशोनगली, गड़रियावाला,जोधावाला,पुसवाड़ा,छिद्दावाला, मझरा तुर्राब खां,हुसैनगंज,पदपुरी,रुस्तम नगर,रतनपुरा । गद्दी नगली पंचायत का शासन ग्राम प्रधानसरपंच/मुखिया के द्वारा किया जाता है । गद्दी नगली पंचायत में अनेक ग्राम प्रधानों का शासन रहा है । अब तक गद्दी नगली के ग्राम प्रधान इस प्रकार हैं.छैला प्रधान1965-1970,वज़ीर खनेत1970.1975.1985,मोहनलाल1985-1990,सरदार अतर सिंह1990-1995, शहजादे खां1995-2000,प्रवेश की मां कर्मवती2000-2005, मक्खन सिंह सैनी 2005-2010,सरदार मनजीत सिंह 2010-2015,विजय सिंह सागर 2015-2017,कैलाश सिंह सागर जुलाई 2017-2020। Note:-ग्राम पंचायत गद्दी नगली में 2015 में विजय सिंह सागर छिद्दावाला निवासी ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए थे। परन्तु उनकी अचानक मृत्यु हो जाने के कारण ग्राम पंचायत सदस्यों में से अस्थायी ग्राम प्रधान अकबर अली को 2017 में चुना गया । जुलाई 2017 में गद्दीनगली पंचायत का उपचुनावदुबारा चुनाव हुआ, जिसमें विजय सिंह के पुत्र कैलाश सिंह नए ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए।) गद्दी नगली पंचायत के वर्तमान ग्राम प्रधान कैलाश सिंह उपचुनाव जुलाई 2017 में निर्वाचित हुए और क्षेत्र पंचायत सदस्य बब्बू सैनी हैं । जिला पंचायत सदस्य बिलाल अली पुसवाड़ा निवासी हैं । गद्दी नगली पंचायत में 15 वार्ड नंबर है जिनमें वर्तमान में सभी वार्ड पर सभासद निर्वाचित हैं । गद्दीनगली पंचायत के 2015-2020 के ग्राम पंचायत सदस्य हैं:- 1-सूरजमुखी,2-शशि अशोक,3-अमरसिंह,4-अकबर अली, 5-कयूम खां, 6-सुम्मेरी सैनी, 7-नन्हे दिवाकर,8-अमीर जहाँ, 9-अनीता मुकन्दराम, 10-आकाश कुमार सैनी, 11-रुपकिशोर, 12-मोहम्मद रउफ़,13-अनीस,14-अन्जुम रिफाकत,15-रियाजत खां । गद्दी नगली गाँव स्वार तहसील से 12 किलोमीटर, रामपुर जिला मुख्यालय से 42 किलोमीटर और उत्तराखण्ड के बाजपुर से 12 किलोमीटर दूर स्थित है । गद्दी नगली गाँव का निकटतम रेलवे स्टेशन बाजपुर रेलवे स्टेशन है । गद्दी नगली गाँव उत्तराखंड के किलाखेङा से भी लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है। गद्दी नगली गाँव की साक्षरता दर 44.25% है । गद्दी नगली गाँव का औसत लिंग अनुपात 994 है।

गद्दी नगली चार पाँच साल पहले मैंथे की खेती के लिए प्रसिद्ध था । लेकिन वर्तमान में टमाटर की खेती खूब जोर-शोर से की जा रही है । खेती और कृषि मजदूरी में लगे रहने के कारण गद्दी नगली गाँव के बच्चे और किशोर अधिक शिक्षित नहीं हो पाते हैं। गद्दी नगली के लङकी-लङको के लिये हाई स्कूल पास करना बहुत बङी बात होती है । गद्दी नगली में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी खेती और कृषि मजदूरी में लगी रहती हैं । माँ-बाप के साथ-साथ उनके बच्चे भी खेती और कृषि मजदूरी में लगे रहते हैं । शिक्षा के मामले में गद्दी नगली गाँव बहुत पिछड़ा हुआ है । शायद यही वजह है कि गद्दी नगली गाँव का कोई भी व्यक्ति सरकारी पद पर अभी तक नहीं है। गद्दी नगली का इतिहास मोहनलाल सैनी गुड्डू और अंकित कुमार दिवाकर श्रीरंग के द्वारा लिखा जा रहा है । जिसका नाम "गद्दी नगली:एक परिचय" रखा गया है । गद्दी नगली क्षेत्र से सम्बंधित जानकारी गाँव वासियों के द्वारा दी गयी,गूगल,इन्टरनेट और गद्दीनगली:एक परिचय1900-2020 पुस्तक के द्वारा एकत्रित की गयी जानकारी पर आधारित है । इतिहास के आईने में देखें तो गद्दी नगली गाँव 350-450 साल पहले अनुमान बसा होगा । जनश्रुति के अनुसार गद्दी नगली गाँव में केवल पाँच ही घर निवास करते थे । धीरे-धीरे लोग आते गए गाँव बसता चला गया । शिव मंदिऔर रामदेई के बारे में चर्चा करना इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि इनके अलावा कोई इतना पुराना लेख,दस्तावेज या व्यक्ति नहीं है जो इतनी पुरानी जानकारी सटीक प्रमाण के साथ दे सके। जनश्रुति के अनुसार रामदेई पत्नी छोटे लाल सैनी गाँव की सबसे बुजुर्ग महिला थीं, जिनकी उम्र लगभग 130 वर्ष के आसपास थी । जिनकी मृत्यु 1अगस्त 2016 में हो गई । रामदेई का जन्म 2016-130=1886 के आसपास का रहा होगा । रामदेई के अनुसार गद्दी नगली का शिव मंदिर उनके ही सामने बनाया गया था । गद्दी नगली का शिव मंदिर लगभग सौ वर्ष पुराना होगा । जिसमें शिव मंदिर बना हुआ है,वह जगह रामदेई के पति छोटे लाल ने दान में दे दी थी। उस समय गाँव में अकाल मृत्यु की माहवारी फैल गई थी और लोग अकाल मृत्यु को प्राप्त हो रहे थे । रामदेई की 18 सन्तानों में से 9 सन्तानें इस माहवारी की शिकार हुईं थीं । लोगों के दिमाग में यह बात घर कर गई कि गाँव में कोई भी मन्दिर नहीं होने से लोगो की अकाल मृत्यु हो रही है । इस माहवारी से निजात पाने के लिए मन्दिर बनाने की चर्चा हुई और कुछ ही समय में शिव मंदिर बनकर तैयार हो गया । मन्दिर के लिए पुजारी की व्यवस्था कर पूजा-अर्चना की गई,जो अब तक नियमित रूप से की जा रही है । शिव मंदिर में हर वर्ष महाशिवरात्रि पर काँवड़ चढ़ाई जाती है । गद्दी नगली के अंग्रेजी शब्द - GADDI NAGLI हैं । गद्दीनगली को लोग गद्दी नगरी के नाम से भी पुकारते हैं । पहले से ही गद्दी नगरीशब्द प्रयुक्त होता आ रहा है, परन्तु बाद में लोगों की बोली गद्दी नगली शब्द प्रयोग किया जाने लगा और गद्दी नगरी के स्थान पर गद्दी नगली शब्द का प्रयोग किया जाता है । नाम बिगड़ने की प्रक्रिया अभी भी जारी है । कहीं-कहीं गद्दी नगली के स्थान पर गद्दी नंगली शब्द का भी प्रयोग मिल रहा है । तीनों नाम अंग्रेजी भाषा में इस प्रकार लिखे जाएंगे 1-गद्दी नगरी-GADDI NAGARI, 2-गद्दी नगली-GADDI NAGALI,3-गद्दी नंगली-GADDI NANGALI. परन्तु इन तीनों में से किसी भी नाम का शुद्ध रूप में प्रयोग नहीं होता है । बल्कि NAGALI शब्द में से A का लोप करके GADDI NAGLI शुद्ध रूप माना जाता है, जो कि अशुद्ध है ।

                                     
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