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ⓘ बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर. बीबीसी पहली बार भारत में एक स्पोर्ट्स अवॉर्ड लेकर आया है- बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर. इस पुरस्कार का एक बड़ा म ..

बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर
                                     

ⓘ बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर

बीबीसी पहली बार भारत में एक स्पोर्ट्स अवॉर्ड लेकर आया है- बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर. इस पुरस्कार का एक बड़ा मक़सद टोक्यो ओलंपिक से पहले महिलाओं और युवाओं की खेल में भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। बीबीसी द्वारा चुने गए ज्यूरी सदस्यों ने भारतीय महिला खिलाड़ियों की एक शॉर्टलिस्ट तैयार की है. इन ज्यूरी सदस्यों में कुछ जाने-माने स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट, विशेषज्ञ और देशभर के कुछ चुनिंदा लेखक शामिल हैं। चुनी गईं महिला खिलाड़ियों में से जिन पांच महिला खिलाड़ियों को ज्यूरी सदस्यों के सबसे अधिक वोट मिलेंगे, उन्हीं के नामों को पब्लिक वोटिंग के लिए आगे भेजा जाएगा. ये वोटिंग बीबीसी वेबसाइट पर होगी.

अपनी पसंदीदा स्पोर्ट्सवूमन को अवॉर्ड दिलाने के लिए लोग बीबीसी की भारतीय भाषाओं की किसी भी वेबसाइट पर लॉग इन कर सकते हैं.

पाँच नामों के ऐलान के समय ओलंपिक काँस्य पदक विजेता साक्षी मलिक को हराकर तहलका मचाने वाली दो बार की विश्व कैडेट चैंपियन सोनम मलिक भी मौजूद थीं. उन्होंने इस दौरान अपनी पंसदीदा पहलवान के बारे में पूछने पर कहा, मैं विनेश को ज्यादा बेहतरीन मानती हूं क्योंकि वह सबसे ज्यादा मजबूत पहलवान हैं. जिन पांच खिलाड़ियों को सबसे ज़्यादा नॉमिनेशन मिले, उनका नाम वोटिंग के लिए लोगों के सामने रखा गया है.

ये पांच महिला खिलाड़ी हैं:

1. दुती चंद

उम्र-23 साल, खेल- एथलेटिक्स

दुती चंद महिलाओं की 100 मीटर की दौड़ में वर्तमान भारतीय चैंपियन हैं. साल 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों की 100 मीटर दौड़ में क्वॉलिफाई करने के साथ ही, वो इस स्पर्धा में क्वॉलिफाई करने वाली तीसरी भारतीय महिला बनीं. दुती चंद ने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता, ये इस स्पर्धा में 1998 के बाद जीता गया पहला पदक था. अपने करियर में कई विवादों को मात देने वाली दुती चंद भारत की सबसे प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों में से एक हैं.

2. मानसी जोशी

उम्र:30 साल, खेल: पैरा-बैडमिंटन

मानसी जोशी ने स्विट्जरलैंड के बेसल में आयोजित 2019 पैरा बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था. अभी वो पैरा बैडमिंटन की टॉप रैंकिंग महिला खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियन पैरा गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल भी जीता था. 2011 में एक सड़क हादसे में मानसी ने अपना बायां पैर गंवा दिया था.

लेकिन ये हादसा उन्हें दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में अपना नाम शुमार करवाने की चाहत से नहीं रोक सका.

3. मैरी कॉम

उम्र: 36 साल, खेल: बॉक्सिंग फ़्लाईवेट कैटेगरी

एमसी मेरी कॉम के नाम से मशहूर मैंगते चंग्नेइजैंग मेरी कॉम महिला और पुरुष दोनों कैटेगरी में अकेली ऐसी बॉक्सर हैं जिन्होंने आठ वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीते हैं. उन्होंने अपने शुरुआती सात वर्ल्ड चैंपियनशप में लगातार मेडल जीता. इसके अलावा वो दुनिया की अकेली ऐसी महिला हैं जो रिकॉर्ड छठी बार वर्ल्ड ऐमेचर बॉक्सिंग चैंपियन बनी. इतना ही नहीं, मेरी कॉम ओलंपिक मेडल जीतने वाली भारत की ऐसी एकमात्र महिला बॉक्सर हैं. मैरी कॉम भारतीय संसद के उच्च सदन राज्यसभा की मनोनीत सदस्य भी हैं. उन्हें वर्ल्ड ओलंपियन्स एसोसिएशन ने OLY की उपाधि से सम्मानित किया है.

4. पीवी सिंधु

उम्र: 24 साल, स्पोर्ट्स: बैडमिंटन

बीते वर्ष, पीवी सिंधु पुसारला वेंकट सिंधु बासेल, स्विट्जरलैंड में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनीं. सिंधु ने अब तक कुल पांच वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक अपने नाम किए हैं. वह बैडमिंटन के एकल वर्ग में ओलंपिक रजत पदक जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी भी हैं. सितंबर 2012 में सिंधु ने 17 साल की उम्र में बीडब्ल्यूएफ़ वर्ल्ड रैंकिंग के शीर्ष 20 खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई थी. बीते चार सालों से वो दुनिया के शीर्ष-10 खिलाड़ियों में लगातार बनी हुई हैं.

5. विनेश फोगाट

उम्र: 25 साल, स्पोर्ट्स: फ़्रीस्टाइल रेसलिंग

जाने माने अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवानों के परिवार से ताल्लुक़ रखने वाली विनेश फोगाट, 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं. फोगाट ने राष्ट्रमंडल खेलों में भी दो गोल्ड मेडल जीते हैं. साल 2019 में उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना पहला मेडल हासिल किया और कांस्य पदक अपने नाम किया. आठ मार्च 2020 को अवॉर्ड विजेता के नाम की घोषणा करेगा.

बीबीसी की भारतीय भाषाओं की प्रमुख रूपा झा का मानना है कि एक औरत को चैंपियन बनने से पहले कई तरह की चुनौतियों से गुज़रना और जूझना पड़ता है.

वो कहती हैं, "मैं इस बात से बेहद उत्साहित हूं कि बीबीसी इस तरह की पहल कर रहा है. यह मेरे दिल के बेहद क़रीब है. हमारे लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि हम बहुत सी महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सामने ला रहे हैं. साथ ही उनकी उन तमाम चुनौतियों और मुश्किलों को भी, जिनसे लड़कर उन्होंने एक पहचान बनाई है. मैं आप सभी से कहूंगी कि आप इस पहल का स्वागत करें और भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी 2019 के लिए वोट करें."

इसके अलावा किसी एक महिला खिलाड़ी को भारतीय खेलों में उनके असाधारण सहयोग के लिए लाइफ़ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा. बीबीसी मुख्य पुरस्कार समारोह के क्रम में दूसरे कई भारतीय शहरों में भी विशेष कार्यक्रम का आयोजन करेगा.

यह कार्यक्रम विभिन्न शहरों में छात्रों और जनता तक पहुंचने और भारतीय महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए है.

भारतीय महिला खिलाड़ियों का योगदान पिछले एशियन खेलों की बात करें तो भारत ने कुल 57 पदक अपने नाम किए थे और उनमें लगभग आधे यानी 28 मेडल भारतीय महिला एथलीट्स ने जीते थे. मिताली राज अकेली ऐसी क्रिकेट कैप्टन हैं जिनके नेतृत्व में भारतीय टीम दो बार विश्व कप फ़ाइनल में पहुंची. स्मृति मंधाना, हीमा दास, मनु भाखर, रानी रामपाल, सानिया मिर्ज़ा, दीपिका पल्लीकल. भारतीय महिला खिलाड़ियों के नाम लेना शुरू करें तो ये लिस्ट बहुत दूर तक जाएगी. वैसे यह साल भी सानिया मिर्ज़ा की जीत के साथ शुरू हो चुका है.

मैटरनिटी लीव से लौटने के बाद उन्होंने अपने पहले इंटरनेशनल मैच में शानदार जीत दर्ज की है. वहीं विनेश फोगट ने रोम में चल रहे टूर्नामेंट में 53 किलो भारवर्ग में रेसलिंग का गोल्ड मेडल जीता है.

यह सब साफ़ तौपर दर्शाता है कि भारतीय महिला खिलाड़ियों के संदर्भ मे तेज़ी से बदलाव आ रहा है.

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