ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 67


                                               

उपभाषा

उपभाषा किसी भाषा के ऐसे विशेष रूप को बोलते हैं जिसे उस भाषा के बोलने वाले लोगों में एक भिन्न समुदाय प्रयोग करता हो। अक्सर उपभाषा किसी भाषा के क्षेत्रीय प्रकारों को कहा जाता है, उदाहरण के लिए छत्तीसगढ़ी, हरयाणवी, मारवाड़ी, ब्रजभाषा और खड़ीबोली हिन ...

                                               

उपसर्ग

उपसर्ग उपसर्ग क्या है? उपसर्ग ऐसे शब्दांश जो किसी शब्द के पूर्व जुड़ कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं या उसके अर्थ में विशेषता ला देते हैं। जैसे-उप+कार=उपकार हिन्दी में प्रयुक्त उपसर्ग 1.अ 2.अप 3.अन 4.अव 5.आ 6.नि 7.निर् ( 8.निस् 8.निस् 9.दुर ...

                                               

ऍथनोलॉग

ऍथनोलॉग विश्व की भाषाओँ की एक सूची है जिसका प्रयोग भाषाविज्ञान में अक्सर किया जाता है। इसमें हर भाषा और उपभाषा को अलग तीन अंग्रेज़ी अक्षरों के साथ नामांकित किया गया है। इस नामांकन को "सिल कोड" कहा जाता है। उदाहरण के लिए मानक हिंदी का सिल कोड hin, ...

                                               

कहावत

कहावत आ म बोलचाल में इस्तेमाल होने वाले उ स वाक्यांश को कहते हैं जिसका सम्बन्ध किसी न किसी पौराणिक कहानी से जुड़ा हुआ होता है। कहीं कहीं इसे मुहावरा अथवा लोकोक्ति के रूप में भी जानते हैं। कहावतें प्रायः सांकेतिक रूप में होती हैं। थोड़े शब्दों में ...

                                               

गंगाबाई (कवि)

गंगाबाई का जन्म वि ० सं ० १६२८ में मथुरा के पास महावन नामक स्थान में हुआ था। गंगाबाई जाति से क्षत्राणी थीं।दो सौ बावन वैष्णवों की वार्ता में भी गंगाबाई क्षत्राणी का उल्लेख किया गया है। गंगाबाई गोस्वामी विट्ठलनाथ की शिष्या थीं। अतः अपने कीर्तन-पदो ...

                                               

गदाधर भट्ट

ये दक्षिणी ब्राह्मण थे और तेलंग देश आंध्र प्रदेश के हनुमानपुर से उत्तर आए थे। इनके जन्म का समय ठीक से पता नहीं, पर यह बात प्रसिद्ध है कि ये श्री चैतन्य महाप्रभु को भागवत सुनाया करते थे। इनका समर्थन भक्तमाल की इन पंक्तियों से भी होता है: भागवत सुध ...

                                               

गैलिक भाषा

                                               

गोथिक भाषा

गोथिएक विलुप्त यूरोपीय भाषा है जो गोथों द्वारा बोली जाती थी। यह मुख्य रूप से कोडेक्स अर्जेण्टस से जानी जाती है, जो चौथी सदी के बाइबिल अनुवाद की छठी सदी की प्रतिलिपि है, और बड़े आकार के पाठसंग्रह वाली एकमात्र पूर्वी जर्मेनिक भाषा है। एक जर्मन भाषा ...

                                               

गोष्ठी

गोष्ठी शब्द का अति प्राचीन प्रयोग ऐतरेय ब्राह्मण से मिलने लगता है। इस युग में चरागाहों से पशुओं को एकत्कर किसी एक स्थान पर सुरक्षा की दृष्टि से रात बितानी पड़ती थी। ऐसे अवसरों पर किसी वृक्ष के नीचे बैठकर गोपगोपियों के बीच गप्प गोष्ठियाँ आयोजित की ...

                                               

चतुर्भुजदास

ये कुम्भनदास के पुत्और गोस्वामी विट्ठलनाथ के शिष्य थे। डा ० दीन दयाल गुप्त के अनुसार इनका जन्म वि ० सं ० 1520 और मृत्यु वि ० सं ० 1624 में हुई थी। इनका जन्म जमुनावती गांव में गौरवा क्षत्रिय कुल में हुआ था। वार्ता के अनुसार ये स्वभाव से साधु और प् ...

                                               

अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

मातृभाषा दिवस २१ फ़रवरी को मनाया जाता है। १७ नवंबर, १९९९ को यूनेस्को ने इसे स्वीकृति दी। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है कि विश्व में भाषाई एवँ सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा मिले। यूनेस्को द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की घोषणा ...

                                               

देशी भाषा

"देशी" शब्द की व्युत्पत्ति संस्कृत शब्द "देश" से है। आधुनिक अर्थ में देशी भाषा से आशय देश में प्रचलित उन भाषाओं में से किसी एक से है जिनका उद्गम एवं विकास प्राकृत अथवा अपभ्रंश से हुआ हो अथवा जिनका उद्भव स्थानीय बोलियों के आधापर प्राय: स्वतंत्र रू ...

                                               

ध्रुवदास

राधावल्लभ सम्प्रदाय में ध्रुवदास का भक्त कवियों में प्रमुख स्थान है। इस सम्प्रदाय भक्ति-सिद्धान्तों का जैसा सर्वांगपूर्ण विवेचन इनकी वाणी में उपलब्ध होता है वैसा किसी अन्य भक्तों की वाणी में नहीं।सम्प्रदाय में विशेष महत्वपूर्ण स्थान होते हुए भी आ ...

                                               

नन्ददास

ये गोस्वामी विट्ठलनाथ के शिष्य थे। इनका जन्म सनाढ्य ब्राह्मण कुल में वि ० सं ० १५९० में हुआ। अष्टछाप और वल्लभ:डा ० दीनदयाल गुप्त:पृष्ठ २५६-२६१ ये संस्कृत और बृजभाषा के अच्छे विद्वान थे। भागवत की रासपंचाध्यायी का भाषानुवाद इस बात की पुष्टि करता है ...

                                               

नागरीदास (हरिदासी सम्प्रदाय)

नागरीदास हरिदासी सम्प्रदाय के चतुर्थ आचार्य भक्त कवि हैं। महन्त किशोरीदास के अनुसार आप का जन्म वि ० सं ० १६०० में हुआ। इसकी पुष्टि महन्त किशोरी दास द्वारा निजमत सिद्धान्त के निम्न दिए उद्धरण से होती है: सम्वत सोरह सै तनु धाऱयो। महा शुक्ल पंचमी बि ...

                                               

नेही नागरीदास

भक्त कवियों में नागरीदास नाम के तीन कवि विख्यात हैं,परन्तु राधावल्लभ सम्प्रदाय के नागरीदास जी के नाम के पूर्व नेही उपाधि के कारण आप अन्य कवियों से सहज ही अलग हो जाते हैं। नागरीदास जी का जन्म पँवार क्षत्रिय कुल में ग्राम बेरछा बुन्देलखंड में हुआ थ ...

                                               

परिवर्णी शब्द

परिवर्णी शब्द यानि एक्रोनिम किसी बड़े नाम या शब्द समूहों का संक्षिप्त रूप होते हैं मसलन इंडियन पीपल्स थियेटर असोशियेशन के लिये ईप्टा या भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के लिये भेल । इन्हें आदिवर्णिक शब्द भी कहा जाता है।

                                               

पर्यायवाची

ऐसे शब्द जिनके अर्थ समान हों, पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं। पानी के पर्यायवाची शब्द हैं जल, नीर, अंबु, तोय आदि। सूर्य के पर्यायवाची शब्द - दिनकर, दिवाकर, भानु, भास्कर, आक, आदित्य, दिनेश, मित्र, मार्तण्ड, मन्दार, पतंग, विहंगम, रवि, प्रभाकर, अरुण, अं ...

                                               

पल्लवन

किसी निर्धारित विषय जैसे सूत्र-वाक्य, उक्ति या विवेच्य-बिन्दु को उदाहरण, तर्क आदि से पुष्ट करते हुए प्रवाहमयी, सहज अभिव्यक्ति-शैली में मौलिक, सारगर्भित विस्तार देना पल्लवन कहलाता है। इसे विस्तारण, भाव-विस्तारण, भाव-पल्लवन आदि भी कहा जाता है। सूत् ...

                                               

पारिभाषिक शब्दावली

पारिभाषिक शब्दावली या परिभाषा कोश, "ग्लासरी" का प्रतिशब्द है। "ग्लासरी" मूलत: "ग्लॉस" शब्द से बना है। "ग्लॉस" ग्रीक भाषा का glossa है जिसका प्रारंभिक अर्थ "वाणी" था। बाद में यह "भाषा" या "बोली" का वाचक हो गया। आगे चलकर इसमें और भी अर्थपरिवर्तन हु ...

                                               

पुनरुज्जीवित भाषाओं की सूची

पुनरुज्जीवित भाषा से आशय उस भाषा से है जो पूर्णतः मृत या लगभग मृत होने के बाद किसी व्यक्ति या समूह के योजनाबद्ध प्रयास से पुनः अपनी पुरानी अवस्था या उसके कुछ अंश को प्राप्त कर ली हो।

                                               

प्राकृतिक भाषा

तंत्रिका मनोविज्ञान, भाषा विज्ञान और भाषा के दर्शन में, प्राकृतिक भाषा ऐसी भाषा है जो किसी योजना या अपने स्वयं के पूर्वचिन्तन के बिना मनुष्य के दिमाग के एक समूह में विकसित हुई। इसलिए, लगभग हमेशा, मनुष्य एक दूसरे से संवाद करने के लिये इनका उपयोग क ...

                                               

प्राकृतिक भाषा संसाधन

प्राकृतिक भाषा संसाधन कम्प्यूटर विज्ञान, कृत्रिम बुद्धि तथा भाषा विज्ञान का एक क्षेत्र है तथा मानव भाषाओं और कंप्यूटर के अन्तःक्रियाओं से सम्बन्धित है। प्राकृतिक भाषा संसाधन, कम्प्यूटर के द्वारा, मानव द्वारा कही या लिखी भाषा से अर्थ निकालने का का ...

                                               

बल्लभ रसिक

बल्लभ रसिक गौड़ीय सम्प्रदाय के भक्त कवि हैं।गदाधर भट्ट के वंशजों के अनुसार वल्लभ रसिक,गदाधर भट्ट के द्वितीय पुत्र थे। इनके बड़े भाई का नाम रसिकोत्तंस था। भट्ट जी अपने दोनों पुत्रों को स्वयं शिक्षा और दीक्षा दी। इस आधापर वल्लभ रसिक का कविताकाल वि ...

                                               

बहुभाषिकता

बहुभाषी का अर्थ ऐसे व्यक्ति से है जो दो या अधिक भाषाओं का प्रयोग करता है। विश्व में बहुभाषी लोगों की संख्या एकभाषियों की तुलना में बहुत अधिक है। विद्वानों का मत है कि द्विभाषिकता किसी भी व्यक्ति के ज्ञान एवं व्यक्तित्व के विकास के लिये बहुत उपयोग ...

                                               

बारंबारता के अनुसार शब्द सूची

बारंबारता के अनुसार शब्द सूची से आशय किसी भाषा के किसी ग्रन्थसंग्रह में आये हुए शब्दों को उनकी बारम्बारता के अनुसार क्रमबद्ध करने से है। इस तरह की शब्द-सूची उस भाषा की शब्दावली सीखने के लिये अत्यन्त उपयोगी होती है क्योंकि अधिक प्रयोग किये जाने वा ...

                                               

बिहारिनदेव

ये विट्ठलविपुलदेव के शिष्य थे। विहारिनदेव अपने गुरु विट्ठलविपुलदेव की मृत्यु के पश्चात् टट्टी संस्थान की आचार्यगद्दी पर बैठे। विट्ठलविपुलदेव की मृत्यु वि ० सं ० १६३२ है अतः विहारिनदेव का जन्म संवत इस संवत के आसपास माना जा सकता है। विहारिनदेव का म ...

                                               

बोलना

बोलना वाक-शक्ति द्वारा ध्वनियों को जोड़कर बने एक विस्तृत शब्दकोश के शब्दों का प्रयोग कर के करी गई संचार की क्रिया को कहते हैं। आमतौपर प्रभावशाली संचार के लिये बोलने में कम-से-कम १,००० शब्दों का प्रयोग देखा गया है। हर शब्द को स्वर और व्यंजन वर्णों ...

                                               

बोली

प्रत्येक प्राणी के हृदय में परिस्थितियों के अनुसार भिन्न-भिन्न प्रकार के भावों का उदय हुआ करता है और इन भावों को दूसरों पर प्रकट करने की भी प्रत्येक प्राणी को आवश्यकता होती है। एक समय वह था जब मनुष्य एक विकसित और शक्ति सम्पन्न प्राणी नहीं था। वह ...

                                               

भारत के भाषाई परिवार

भारत में विश्व के सबसे चार प्रमुख भाषा परिवारों की भाषाएँ बोली जाती है। सामान्यत: उत्तर भारत में बोली जाने वाली भारोपीय भाषा परिवार की भाषाओं को आर्य भाषा समूह, दक्षिण की भाषाओं को द्रविड़ भाषा समूह, ऑस्ट्रो-एशियाटिक परिवार की भाषाओं को भुंडारी भ ...

                                               

भारतीय भाषायी वर्णमाला क्रम

अधिकतर भारतीय भाषायी लिपियाँ ब्राह्मी लिपि से निकली हैं इसलिये उनका वर्णमाला क्रम समान है। इस लेख में सभी भारतीय भाषाओं का वर्णमाला क्रम दिया जा रहा है। इस सारणी का उपयोग लिपि परिवर्तक, ध्व्नयात्मक टाइपिंग औजार आदि बनाने में किया जा सकता है।

                                               

भाषा अर्जन

भाषा अर्जन उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसके द्वारा मानव भाषा को ग्रहण करने एवं समझने की क्षमता अर्जित करता है तथा बातचीत करने के लिये शब्दों एवं वाक्यों का प्रयोग करता है।

                                               

भाषा अर्जन और सांख्यिकीय अधिगम

मानव तथा अन्य प्राणियों अपने आसपास के परिवेश में विद्यमान सांख्यिकीय नियमितताओं को पकड़ने और उससे सीखने की जो क्षमता होती है, उसे सांख्यिकीय अधिगम कहते हैं। पहले यह क्षमता मानव के नवजातों द्वारा भाषा के अर्जन में सांख्यिकीय अधिगम की भूमिका को पहच ...

                                               

भाषा उद्योग

भाषा उद्योग उन कार्यकलापों को कहते हैं जो भाषाओं के कम्प्यूटर द्वारा प्रसंस्करण से सम्बन्धित उपकरणों एवं उत्पादों के डिजाइन, उत्पादन एवं विपणन आदि से सम्बन्ध रखते हैं। भाषा उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी के उद्योग का एक भाग है। इसमें सॉफ्टवेयर प्रौद् ...

                                               

भाषा का अर्थशास्त्र

भाषा का अर्थशास्त्र अध्ययन का नया क्षेत्र है जिसमें भाषा का संस्कृति पर प्रभाव, भाषा और आय, भाषा तथा बाजार, भाषा-नियोजन के विकल्पों के लाभ और हानियों, अलपसंख्यक भाषाओं के संरक्षण आदि विषय शामिल किए जाते हैं। यह विषय भाषा-नीति के विश्लेषण के लिए ब ...

                                               

भाषा की उत्पत्ति

भाषा की उत्पत्ति से आशय उस काल से है जब मानव ने बोलना आरम्भ किया और भाषा सीखना आरम्भ किया। इस विषय में बहुत सी संकल्पनाएं हैं जो अधिकांशतः अनुमान पर आधारित हैं। मानव के इतिहास में यह काल इतना पहले आरम्भ हुआ कि इसके विकास से सम्बन्धित कोई भी संकेत ...

                                               

भाषा के प्रकार्य

प्रसिद्ध फ्रांसीसी भाषा वैज्ञानिक ‘ सस्यूर ‘ के विचारों से प्रभावित होकर प्राग स्कूल की भाषा वैज्ञानिक विचारधारा ने आरंभ से ही भाषिक प्रकार्यों के अध्ययन को महत्व दिया। रोमन जैकोब्सन Roman Jakobson ने भाषा के छः प्रकार्य functions गिनाए हैं। अभिध ...

                                               

भाषा नियोजन

किसी क्षेत्र की एक या कई भाषाओं के कार्य, संरचना एवं अर्जन को योजनाबद्ध ढंग से प्रभावित करना भाषा नियोजन कहलाता है। प्राय यह कार्य सरकार द्वारा किया जाता है किन्तु अनेकों गैर-सरकारी संस्थाएं एवं व्यक्ति भी इसमें भाग लेते हैं। प्रायः भाषा-नियोजन क ...

                                               

भाषा मानकीकरण

भाषा मानकीकरण सभी कार्यात्मक प्रयोजनों के लिए स्वीकार्य एक भाषा या भाषा किस्मों बनाने की प्रक्रिया है । यह भी एक भाषा या भाषा विविधता या एक भाषा के प्रयोग के विशेष प्रकार की स्थिति के संवर्धन के रूप में इस तरह से जाना जा सकता है कि यह प्रभावी ढंग ...

                                               

भाषा विज्ञान कोश

भाषा विज्ञान कोश भाषाविज्ञान से सम्बन्धित सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक विषयों का विश्वकोश है। इसका प्रकाशन सन् १९६४ ईस्वी में ज्ञानमण्डल लिमिटेड, वाराणसी से हुआ था। इसके रचयिता भोलानाथ तिवारी हैं।

                                               

भाषा-द्वैत

भाषाविज्ञान में, भाषा-द्वैत या समष्‍टि द्विभाषिता या द्विभाषारूपिता उस दशा का नाम है जिसमें एक ही भाषा-समुदाय दो अलग तरह की भाषाओं का व्यवहार करता है। सामान्य तौपर प्रतिदिन बोली जाने वाली निम्न भाषा के अलावा एक दूसरी अति परिमार्जित का प्रयोग किया ...

                                               

भाषाई भेदभाव

किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के साथ केवल इस आधापर अनुचित भेदभाव करना कि वे कौन सी भाषा बोलते हैं या उनकी बोलने की शैली कैसी है, भाषाई भेदभाव कहलाती है। भाषाई भेदभाव कई प्रकार का हो सकता है जैसे व्यक्ति की मातृभाषा के आधार पर, व्यक्ति के बोलने की को ...

                                               

भाषाई साम्राज्यवाद

भाषिक साम्राज्यवाद या भाषाई साम्राज्यवाद उस स्थिति को कहते हैं जिसमें किसी सबल राष्ट्र की भाषा किसी निर्बल राष्ट्र की शिक्षा और शासन आदि विविध क्षेत्रों से देशी भाषा का लोप कर देती है। इसके लिये घोषित या अघोषित रूप से एक ऐसी व्यवस्था उत्पन्न करके ...

                                               

भाषाभाषियों की संख्या के अनुसार भाषाओं की सूची

यह सूची किसी भाषा को मातृभाषा मानने वाले लोगों के संख्या के क्रम से सजाया गया है। इसमें द्वितीय भाषा के रूप में इन भाषाओं के उपयोग के भी कोई आंकड़े नहीं दिये गये हैं।

                                               

भाषावसान

भाषावसान या भाषा का लोप वह अवस्था है जिसमें किसी भाषा के बोलने वालों की उस भाषा के प्रयोग की क्षमता में कमी आ जाय। "पूर्ण" भाषावसान की स्थिति में उस भाषा का कोई भी बोलने वाला नहीं बचता जहाँ वह पहले भाषा चलती थी।

                                               

मशीनी अनुवाद के अनुप्रयोगों की परस्पर तुलना

                                               

मशीनी लिप्यन्तरण

कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की सहायता से एक भाषा या लिपि के शब्दों का किसी दूसरी भाषा या लिपि में ध्वन्यात्मक परिवर्तन मशीनी लिप्यन्तरण कहलाता है। John को देवनागरी/हिन्दी में जॉन लिखना लिप्यन्तरण का एक उदाहरण है।

                                               

महाकाव्य

संस्कृत काव्यशास्त्र में महाकाव्य का प्रथम सूत्रबद्ध लक्षण आचार्य भामह ने प्रस्तुत किया है और परवर्ती आचार्यों में दंडी, रुद्रट तथा विश्वनाथ ने अपने अपने ढंग से इस महाकाव्यसूत्रबद्ध के लक्षण का विस्तार किया है। आचार्य विश्वनाथ का लक्षण निरूपण इस ...

                                               

मातृभाषा

जन्म लेने के बाद मानव जो प्रथम भाषा सीखता है उसे उसकी मातृभाषा कहते हैं। मातृभाषा, किसी भी व्यक्ति की सामाजिक एवं भाषाई पहचान होती है। मातृभाषा यानी जिस भाषा मे माँ सपने देखती है या विचार करती है वही भाषा उस बच्चे की मातृभाषा होगी। इसलिए इसे मातृ ...

                                               

माधुरीदास

माधुरीदास गौड़ीय सम्प्रदाय के अंतर्गत ब्रजभाषा के अच्छे कवि हैं। अभी तक हिंदी साहित्य के इतिहास लेखकों से इनका कोई परिचय नहीं है। इनकी वाणी के प्रकाशक बाबा कृष्णदास ने इनके विषय में कुछ लिखा है। माधुरीदास ने केलि-माधुरी का रचना काल अपने इस दोहे म ...

शब्दकोश

अनुवाद
Free and no ads
no need to download or install

Pino - logical board game which is based on tactics and strategy. In general this is a remix of chess, checkers and corners. The game develops imagination, concentration, teaches how to solve tasks, plan their own actions and of course to think logically. It does not matter how much pieces you have, the main thing is how they are placement!

online intellectual game →