ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 333


                                               

निरुक्त

निरुक्त वैदिक साहित्य के शब्द-व्युत्पत्ति का विवेचन है। यह हिन्दू धर्म के छः वेदांगों में से एक है - इसका अर्थ: व्याख्या, व्युत्पत्ति सम्बन्धी व्याख्या। इसमें मुख्यतः वेदों में आये हुए शब्दों की पुरानी व्युत्पत्ति का विवेचन है। निरुक्त में शब्दों ...

                                               

नेपाल में संस्कृत

नेपाल राष्ट्र में मुख्यतया नेपाली, मैथिली तथा हिन्दी भाषा बोली जाती है। लेकिन नेपाल में संस्कृत भाषा भी बोली जाती है इस कारण नेपाल में काफी शैक्षणिक विद्यालय तथा संस्थाए भी है। । नेपाल में नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय भी है इस कारण यहां पर संस्कृत ...

                                               

नैशनल लाइब्रेरी ऍट कोलकाता रोमनाइजेशन

राष्ट्रीय पुस्तकालय, कोलकाता-रोमनीकरण भारतीय भाषाओं के शब्दकोषों तथा व्याकरण में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाली लिप्यन्तरण स्कीम है। इस लिप्यन्तरण स्कीम को लाइब्रेरी ऑफ काँग्रेस के नाम से भी जाना जाता है तथा यह लगभग ISO 15919 के सम्भावित वैरियेंटों ...

                                               

न्याय (दृष्टांत वाक्य)

संस्कृत में न्याय का एक अर्थ समानता, सादृश्य, लोकरूढ़ नीतिवाक्य, उपयुक्त दृष्टान्त, निर्देशना आदि होता है। अर्थात् कोई विलक्षण घटना सूचित करनेवाली उक्ति जो उपस्थित बात पर घटती हो, न्याय कहलाती है। ऐसे दृष्टान्त वाक्यों का व्यवहार लोक में कोई प्रस ...

                                               

पश्चिमी देशों में संस्कृत

पश्चिमी जगत में संस्कृत का अध्ययन १७वीं शताब्दी में आरम्भ हुआ। भर्तृहरि के कुछ काव्यों का सन् १६५१ में पुर्तगालियों ने अनुवाद किया। सन् १७७९ में विवादार्णवसेतु नामक एक विधिक संहिता का नाथानियल ब्रासी हल्हेड ने पारसी अनुवाद से अनुवाद किया। इसे अ क ...

                                               

भारत में संस्कृत

संस्कृत यद्यपि भारत की सबसे प्राचीन भाषा मानी जाती है। इस कारण भारत में संस्कृत होना स्वाभाविक है। संस्कृत भाषा को देववाणी भी कहा जाता है। भारत में आदिकालों से संस्कृत भाषा चली आ रही है।

                                               

मणिपुर वेद विद्यापीठ चारहजारे

वेदों का पुनरुत्थान, संरक्षण और नई पीढ़ी में संक्रमण करने हेतु गोविन्ददेव गिरिजी महाराज ने सन् 1990 में महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान का निर्माण किया। उनकी सत्प्रेरणा व आशीर्वाद से इस प्रतिष्ठान द्वारा अब तक 26 वेद विद्यालयों की स्थापना देश के विभिन ...

                                               

मत्तूरु

मत्तूरु के सभी लोग दिन-प्रतिदिन के कामों के लिए संस्कृत का उपयोग करते हैं, जबकि कर्नाटक की राजभाषा कन्नड है। मत्तूरु में राम का एक मन्दिर है, एक शिवालय है, सोमेश्वर मन्दिऔर लक्ष्मीकेशव मन्दिर हैं।

                                               

मन्मथनाथ दत्त

मन्मथनाथ दत्त संस्कृत एवं पालि के विद्वान, बांग्ला लेखक, इतिहासविद तथा प्राचीन भारतीय ग्रन्थों के अनुवादक थे। शास्त्री की उपाधि मिलने के पश्चात वे मन्मथनाथ शास्त्री नाम से जाने जाते हैं। आज उनके जीवन के बारे में बहुत कम ज्ञात है। मन्मथनाथ दत्त ने ...

                                               

महर्षि सांदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन

महर्षि सांदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान की स्थापना अगस्त, 1987 में की गई थी। इसकी स्‍थापना के उद्देश्‍य है - वैदिक अध्ययन की मौखिक परंपरा का संरक्षण, प्रोत्साहन एवं विकास, पाठशालाओं के साथ-साथ अन्य साधनों एवं संस्थानों के माध्यम से वेदों ...

                                               

महाभाष्य

पतंजलि ने पाणिनि के अष्टाध्यायी के कुछ चुने हुए सूत्रों पर भाष्य लिखी जिसे व्याकरणमहाभाष्य का नाम दिया)। व्याकरण महाभाष्य में कात्यायन वार्तिक भी सम्मिलित हैं जो पाणिनि के अष्टाध्यायी पर कात्यायन के भाष्य हैं। कात्यायन के वार्तिक कुल लगभग 1400 है ...

                                               

राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, वाराणसी

राजकीय संस्कृत महाविद्यालय वाराणसी का प्रथम महाविद्यालय था। इसकी स्थापना १७९१ में हुई थी। इस महाविद्यालय से अनेकों ख्यातलब्ध अध्यापक निकले। सन १९५८ में यह सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में मिला लिया गया।

                                               

राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, तिरुपति

राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, आंध्र प्रदेश के तिरुपति में स्थित भारत का मानित विश्वविद्यालय है। यह पारम्परिक शास्त्राध्ययन का विशिष्ट केन्द्र है। यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अनुभाग 3, अधिनियम 1956 के आधीन उच्च शिक्षा एवं शोध हेतु स्थापित हुआ है। ...

                                               

राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली

राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान नई दिल्ली में स्थित एक शैक्षणिक संस्थान है। यह भारत सरकार द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित मानित विश्वविद्यालय है। भारत सरकार ने प्रथम संस्कृत आयोग की अनुशंसा के आधापर संस्कृत के विकास तथा प्रचार-प्रसार हेतु संस्कृत सम्बद्ध केन ...

                                               

राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, भोपाल

राष्ट्रिय संस्कृत संस्थानम्, भोपाल एक शैक्षणिक संस्थान है। यह भारत सरकार द्वारा पूर्णतः वित्तपोषित मानित विश्वविद्यालय है। भारत सरकार ने संस्कृत आयोग की अनुशंसा के आधापर संस्कृत के विकास तथा प्रचार-प्रसार हेतु संस्कृत सम्बद्ध केन्द्र सरकार की नीत ...

                                               

वाचस्पत्यम्

वाचस्पत्यम् संस्कृत का आधुनिक महाशब्दकोश है। इसका संकलन तर्कवाचस्पति तारानाथ भट्टाचार्य ने किया था जो बंगाल के राजकीय संस्कृत महाविद्यालय में अध्यापक थे। इसका निर्माण सन १८६६ ई में आरम्भ हुआ और १८८४ ई में समाप्त। इस प्रकार इसको पूरा करने में १८ व ...

                                               

वामन शिवराम आप्टे

वामन शिवराम आप्टे संस्कृत के महान पंडित थे। उनकी पुस्तकों में "स्टूडेंट्स् गाइड टु संस्कृत कांपोज़ीशन" तथा इंग्लिश-संस्कृत और संस्कृत-इंग्लिश कोश विशेष प्रसिद्ध हैं। इनमें प्रथम पुस्तक के रूप में उनकी कीर्ति चिरस्थायी है। इस पुस्तक में संस्कृत वा ...

                                               

विभिन्न संस्थान और उनके संस्कृत ध्येय-वाक्य

                                               

वैदिक स्वराघात

वेदों में मन्त्रों की 20 हजार ऋचाएँ हैं। इन सभी को विभिन्न छन्दों में विभक्त किया गया है। कौन किस प्रकार गाया जायेगा, इसका ऋषिगणों द्वारा उसी समय निर्धारण हो गया है, जब इनका सृजन हुआ है। इन्हें लयबद्ध गाया जाना चाहिए। मोटा विभाजन तो उदात्त, अनुदा ...

                                               

शब्दकल्पद्रुम

शब्दकल्पद्रुम संस्कृत का आधुनिक युग का एक महाशब्दकोश है। यह स्यार राजा राधाकांतदेव बाहादुर द्वारा निर्मित है। इसका प्रकाशन १८२८-१८५८ ई० में हुआ। यह पूर्णतः संस्कृत का एकभाषीय कोश है और सात खण्डों में विरचित है। इस कोश में यथासंभव समस्त उपलब्ध संस ...

                                               

शुल्बसूत्र

शुल्ब सूत्र या शुल्बसूत्र संस्कृत के सूत्रग्रन्थ हैं जो स्रौत कर्मों से सम्बन्धित हैं। इनमें यज्ञ-वेदी की रचना से सम्बन्धित ज्यामितीय ज्ञान दिया हुआ है। संस्कृत कें शुल्ब शब्द का अर्थ नापने की रस्सी या डोरी होता है। अपने नाम के अनुसार शुल्ब सूत्र ...

                                               

श्री रामेश्वर गहिरा गुरु संस्कृत महाविद्यालय

श्री रामेश्वर गहिरा गुरु संस्कृत महाविद्यालय, छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के सामरबार में स्थित एक संस्कृत महाविद्यालय है। इसकी स्थापना ०१ जुलाई १९५६ को रामेश्वर गहिरा द्वारा की गयी थी। यह महाविद्यालय सनातन सन्त समाज गहिरा द्वारा संचालित है। यह महाविद ...

                                               

संस्कृत आयोग

भारत सरकार ने प्रथम संस्कृत आयोग की 1956 में संस्कृत आयोग की स्थापना की थी। प्रोफेसर सुनीति कुमार चटर्जी को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने एक रिपोर्ट तैयार की जो साहित्य तथा कला कृति है। संस्कृत आयोग ने संस्कृत के विविध ...

                                               

संस्कृत इन इण्डोनेशिया

संस्कृत इन इण्डोनेशिया डेनमार्क के वैज्ञानिक एवं संस्कृत विद्वान प्रोफ डॉ जन गोण्डा द्वारा १९५२ में रचित एक पुस्तक है। यह पुस्तक नयी दिल्ली के अन्तरराष्ट्रीय भारतीय संस्कृति अकादमी द्वारा प्रकाशित की गयी थी। यह पुस्तक १९७३ और १९९८ में पुनर्मुद्रि ...

                                               

संस्कृत ओसीआर

संस्कृत ओसीआर संस्कृत, हिन्दी तथा देवनागरी लिपि आधारित अन्य भारतीय भाषाओं के लिये एक ओसीआर सॉफ्टवेयर है। संस्कृत ओसीआर डॉ॰ Oliver Hellwig नामक जर्मन विद्वान द्वारा विकसित किया गया है। पहले इसका आधिकारिक जालस्थल जर्मन में था लेकिन नई साइट अंग्रेजी ...

                                               

संस्कृत कवियों की सूची

                                               

संस्कृत का पुनरुत्थान

संस्कृत भाषा के अध्ययन, अध्यापन, और उपयोग को बढ़ाने के कई प्रयास किये जाते रहे हैं और आज भी किये जा रहे हैं। इन्हें सम्मिलित रूप से संस्कृत पुनरुद्धार या संस्कृत का पुनरुत्थान कहते हैं।

                                               

संस्कृत की गिनती

० - शून्यम् १ - एकः पुल्लिंग, एका स्त्रीलिंग, एकम् नपुंसकलिंग, २ - द्वौ, द्वे, द्वे ३ - त्रयः,तिस्रः,त्रीणि ४ -चत्वारः चतस्रः, चत्वारि चार ४ के बाद सभी संखाएँ सभी लिंगों में एकसमान रूप में होती हैं। ५ - पंच ६ - षट् ७ - सप्त ८ - अष्ट ९ - नव १० - द ...

                                               

संस्कृत के आधुनिक कोश

भारत में आधुनिक पद्धति पर बने संस्कृत कोशों की दो वर्गों में रखा जा सकता है १ इनमें एक विधा वह थी जिसमें अंग्रेजी अथवा जर्मन आदि भाषाओँ के माध्यम से संस्कृत के कोश बने। इस पद्धति के प्रवर्तक अथवा आदि निर्माता पाश्चात्य विद्बान् थे। कोशविद्या की न ...

                                               

संस्कृत के प्राचीन एवं मध्यकालीन शब्दकोश

संस्कृत के पुरातनतम उपलब्ध शब्दकोश वैदिक निघंटु है। उसका रचनाकाल कम से कम ७०० या ८०० ई० पू० है। वैदिक शब्दों केवल विरल या क्लिष्ट शब्द के संग्रह को निघंटु कहते थे। यास्क का निरुक्त वैदिक निघंटु का भाष्य है। यास्क से पूर्ववर्ती निघंटुओं में एकमात् ...

                                               

संस्कृत ग्रन्थों की सूची

                                               

संस्कृत दिवस

भारत में प्रतिवर्ष श्रावणी पूर्णिमा के पावन अवसर को संस्कृत दिवस के रूप में मनाया जाता है। श्रावणी पूर्णिमा अर्थात् रक्षा बन्धन ऋषियों के स्मरण तथा पूजा और समर्पण का पर्व माना जाता है। वैदिक साहित्य में इसे श्रावणी कहा जाता था। इसी दिन गुरुकुलों ...

                                               

संस्कृत नाटक

संस्कृत नाटक रसप्रधान होते हैं। इनमें समय और स्थान की अन्विति नही पाई जाती। अपनी रचना-प्रक्रिया में नाटक मूलतः काव्य का ही एक प्रकार है। सूसन के लैंगर के अनुसार भी नाटक रंगमंच का काव्य ही नहीं, रंगमंच में काव्य भी है। संस्कृत नाट्यपरम्परा में भी ...

                                               

संस्कृत भाषा का इतिहास

जिस प्रकार देवता अमर हैं उसी प्रकार सँस्कृत भाषा भी अपने विशाल-साहित्य, लोक हित की भावना,विभिन्न प्रयासों तथा उपसर्गो के द्वारा नवीन-नवीन शब्दों के निर्माण की क्षमता आदि के द्वारा अमर है। आधुनिक विद्वानों के अनुसार संस्कृत भाषा का अखंड प्रवाह पाँ ...

                                               

संस्कृत शब्दकोश

सबसे पहले शब्द-संकलन भारत में बने। भारत की यह शानदार परंपरा वेदों जितनी - कम से कम पाँच हजार वर्ष - पुरानी है। प्रजापति कश्यप का निघण्टु संसार का प्राचीनतम शब्द संकलन है। इस में १८०० वैदिक शब्दों को इकट्ठा किया गया है। निघंटु पर महर्षि यास्क की व ...

                                               

सरस्वतीकंठाभरण

सरस्वतीकंठाभरण, काव्यतत्व का विवेचन करनेवाला संस्कृत-साहित्य-शास्त्र का एक माननीय ग्रंथ है जिसकी रचना धारेश्वर महाराज भोजराज ने की।

                                               

सिद्धम् (डेटाबेस)

सिद्धम् या साउथ एशिया इंस्क्रिप्सन्स डेटाबेस दक्षिण एशिया, मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया से प्राप्त शिलालेखों का मुक्तरूप से उपलब्ध स्रोत है जो ब्रिटिश संग्रहालय, ब्रिटिश पुस्तकालय और स्कूल ओफ़ ओरिएण्टल ऐण्ड अफ्रिकन स्टडीज में रखे हुए हैं। इसक ...

                                               

सुधर्मा

सुधर्मा संस्कृत का एकमात्र दैनिक समाचारपत्र है। यह मैसूर से प्रकाशित होता है। इसका प्रकाशन १९७० में आरम्भ हुआ था। इसका वितरण मुख्यतः डाक द्वारा होता है। इस अखबार की अभी 3.000 प्रतियां निकलती हैं और इसकी वार्षिक सदस्यता शुल्क 400 रुपए है। सन २०२० ...

                                               

स्पित्जर पाण्डुलिपि

स्पित्जर पाण्डुलिपि संस्कृत की अब तक प्राप्त पाण्डुलिपियों में सबसे पुरानी पाण्डुलिपि है। यह १९०६ में जर्मनी की एक अन्वेषण दल को किज़िल में मिली थी जो रेशम मार्ग पर स्थित है। इस दल के नेता डॉ मोरित्ज स्पित्ज़र थे। यह बहुत ही तितर-बितर और खण्डित र ...

                                               

हार्वर्ड-क्योटो

हार्वर्ड-क्योटो पद्धति, संस्कृत, तथा देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली अन्य भाषाओं के ऑस्की में लिप्यन्तरित करने हेतु एक प्रक्रिया है। यह मुख्य रूप से अनौपचारिक रूप से ईमेल में तथा इलेक्ट्रॉनिक टैक्स्टों में प्रयोग किया जाता है।

                                               

हेमचन्द्राचार्य संस्कृत पाठशाला

हेमचन्द्राचार्य संस्कृत पाठशाला, गुजरात के अहमदाबाद में स्थित एक प्रसिद्ध संस्कृत पाठशाला है। अहमदाबाद के रामनगर-साबरमति में स्थित यह पाठशाला एक ऐसा ‘ गुरुकुलम ’ है जहां विविध विषयक ज्ञान-विज्ञान-गणित-साहित्य के साथ-साथ वैदिक गणित, आयुर्वेद, ज्यो ...

                                               

कनाडा में संस्कृत

                                               

जर्मनी में संस्कृत

                                               

विश्व में संस्कृत

                                               

संस्कृत अध्ययन से जुड़े संस्थान

                                               

संस्कृत कथाकार

                                               

संस्कृत विद्वान

                                               

संस्कृत विश्वविद्यालय

                                               

संस्कृत संपादक

                                               

संस्कृत सम्पादक

शब्दकोश

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