ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 275


                                               

देव सूर्य मंदिर

देव सूर्य मंदिर, देवार्क सूर्य मंदिर या केवल देवार्क के नाम से प्रसिद्ध, यह भारतीय राज्य बिहार के औरंगाबाद जिले में देव नामक स्थान पर स्थित एक हिंदू मंदिर है जो देवता सूर्य को समर्पित है। यह सूर्य मंदिर अन्य सूर्य मंदिरों की तरह पूर्वाभिमुख न होक ...

                                               

बेलार्कसूर्य मंदिर

बेलार्क या बेलाउर सूर्य मंदिर का निर्माण राजा सूबा ने करवाया था। बाद मे बेलाउर गाँव में कुल ५२ पोखरा का निर्माण कराने वाले राजा सूबा को राजा बावन सूब के नाम से पुकारा जाने लगा। बिहार के भोजपुर जिले के बेलाउर गाँव के पश्चिमी एवं दक्षिणी छोपर अवस्थ ...

                                               

मार्तंड मंदिर, कश्मीर

मार्तंड मंदिर कश्मीर के दक्षिणी भाग में अनंतनाग से पहलगाम के रास्ते में मार्तण्ड नामक स्थान पर है। इस मंदिर में एक बड़ा सरोवर भी है, जिसमें मछलियां हैं। इसकी संभावित निर्माण तिथि ४९०-५५५ ई. रही होगी। निर्माण इसे कारकोटा राजवंश के शासक ललितादित्य ...

                                               

मुल्तान सूर्य मंदिर

मुल्तान सूर्य मंदिर पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के मुल्तान शहर में स्थित एक प्राचीन हिन्दू मन्दिर है। सूर्य देव को समर्पित इस मंदिर को आदित्य सूर्य मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर के प्रसिद्ध आदित्य मूर्ति को 10 वीं शताब्दी के अंत में मुल्तान के नए रा ...

                                               

मोढेरा सूर्य मंदिर

मोढेरा सूर्य मंदिर गुजरात के पाटन नामक स्थान से ३० किलोमीटर दक्षिण की ओर" मोढेरा” नामक गाँव में प्रतीष्ठित है। यह सूर्य मन्दिर भारतवर्ष में विलक्षण स्थापत्य एवम् शिल्प कला का बेजोड़ उदाहरण है। सन् १०२६ ई. में सोलंकी वंश के राजा भीमदेव प्रथम द्वार ...

                                               

रनकपुर सूर्य मंदिर

रनकपुर सूर्य मंदिर राजस्थान के रणकपुर नामक स्थान में अवस्थित यह सूर्य मंदिर, नागर शैली मे सफेद संगमरमर से बना है। भारतीय वास्तुकला का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता यह सूर्य मंदिर जैनियों के द्वारा बनवाया गया था जो उदयपुर से करीब ९८ किलोमीटर दूर स्थि ...

                                               

रहली का सूर्य मंदिर

रहली सागर जिला मुख्‍यालय के दक्षिण-पूर्व में करीब 42 किमी की दूरी पर सुनाऔर देहार नदियों के संगम पर स्थित है। बुंदेलखंड में प्राचीन मंदिर बहुतायत में पाए जाते हैं। रहली भी इसका अपवाद नहीं और इसके आसपास कई सुंदर मंदिर हैं। यहां से दो किमी दूर पंढल ...

                                               

विवस्वान सूर्य मन्दिर, ग्वालियर

                                               

सूर्य पहर मंदिर

सूर्य पहर मंदिर असम में गुवाहाटी के समीप गोवालपारा नामक स्थान पर सूर्य पहर नाम के पर्वत पर यह सूर्य मंदिर स्थित है। भगवान सूर्य के अलावा इस मन्दिर मे नौ शिवलिंग भी है।

                                               

सूर्य मंदिर

सूर्य देवता को समर्पित भवनों या मन्दिरों को सूर्य मंदिर कहते हैं। इस तरह के मंदिर भारत के अलावा अन्य संस्कृतियों में भी पाये जाते हैं, जैसे चीन, मिस्र, और पेरू।

                                               

सूर्य मंदिर - अरसावल्ली

प्रसिद्ध सूर्य देवता मंदिर -अरसावल्ली गाव से १ किमी पूर्व दिशा में श्रीकाकुलम जिले में स्थित है। यह मंदिर उत्तरी आंध्र प्रदेश के छोपर है। यह एक प्राचीन मंदिर है जो सूर्य देवता के दो मंदिरो में से एक है। पद्म पुराण के अनुसार ऋषि कश्यप ने अयाह सूर् ...

                                               

सूर्य मंदिर, कंदाहा

                                               

सूर्य मंदिर, गया

बिहार के गया शहर में सूर्य मंदिर प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के 20 किलोमीटर उत्तर और रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर दूर स्थित है। भगवान सूर्य को समर्पित यह मंदिर सोन नदी के किनारे स्थित है। दिपावली के छ: दिन बाद बिहार के लोकप्रिय पर्व छठ के अवसर पर यहां ...

                                               

सूर्य मंदिर, जम्मू

दक्षिण कश्मीर के मार्तण्ड के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर के प्रतिरूप का सूर्य मंदिर में भी बनाया गया है। बसंत नगर पालौरा स्थित मंदिर के परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा हुए। मार्तण्ड तीर्थ ट्रस्ट ‘मंदिर प्रशासन’ के अध्यक्ष अशोक कुमार सिद्ध के ...

                                               

सूर्य मंदिर, झालावाड़

झालरापाटन को घंटियों का शहर यानी की सिटी ऑफ बेल्स।शहर में मध्य स्थित सूर्य मंदिर झालरापाटन का प्रमुख दर्शनीय स्थल है। वास्तुकला की दृष्टि से भी यह मंदिर अहम है। इसका निर्माण दसवीं शताब्दी में मालवा के परमार वंशीय राजाओं ने करवाया था। मंदिर के गर् ...

                                               

सूर्य मंदिर, प्रतापगढ़

सूर्य मंदिर प्रतापगढ़, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित भगवान सूर्य को समर्पित प्राचीन मंदिर है जो उत्तर प्रदेश के इलाहबाद मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर स्थित प्रतापगढ़ के सदर तहसील के गौरा के स्वरूपपु ...

                                               

सूर्य मंदिर, महोबा

उत्तर प्रदॆश के महोबा में सूर्य मंदिर राहिला सागर के पश्चिम दिशा में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण चंदेल शासक राहिल देव वर्मन ने एक तालाब को खुदवाकर जिसे राहिल सागर के नाम से जाना जाता है ८९० से ९१० ई. के दौरान नौवीं शताब्दी में करवाया था। इस मंद ...

                                               

सूर्य मंदिर, रांची

रांची से 37 किलोमीटर की दूरी पर रांची -टाटा रोड पर स्थित यह सूर्य मंदिर बुंडू के समीप है। संगमरमर से निर्मित इस मंदिर का निर्माण १८ पहियों और ७ घोड़ों के रथ पर विद्यमान भगवान सूर्य के रूप में किया गाया है। 25 जनवरी को टुसू मेला के अवसर पर यहाँ वि ...

                                               

सूर्य मंदिर, हंडिया

बिहार के नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड के हंड़िया गांव स्थित सूर्य नारायण धाम मंदिर काफी प्राचीन है। यह मंदिर ऐतिहासिक सूर्य मंदिरों में से है जो लोगों की आस्था का प्रतीक बना है। मंदिर के आस-पास की गई खुदाई के समय प्रतीक चिन्ह और पत्थर के बने रथ ...

                                               

श्री स्वामिनारायण मन्दिर, गढड़ा

श्री स्वामिनारायण मन्दिर भारत के गुजरात राज्य के बोटाद ज़िले के गढड़ा शहर में स्थित एक नगर है। इसका निर्माण श्री स्वामिनारायण ने स्वयं करा था। निर्माण और मूर्ति स्थापना 9 अक्तूबर 1828 में पूर्ण हुए।

                                               

हनुमान मंदिर

हनुमान मन्दिर में मुख्य देवता हनुमान होते हैं। भारत में, इण्डोनेशिया में, श्रीलंका में, नेपाल में, बांगलादेश में अनेको प्रसिद्ध हनुमान मन्दिर हैं। गुजरात के सारंगपुर में हनुमान का प्रसिद्ध मन्दिर है, जो संकटमोचन हनुमान के रूप में प्रसिद्ध है। खंड ...

                                               

उलटे हनुमान

thumb|उलटे हनुमान। भगवान हनुमान के एक विशेष मंदिर तक जो साँवेर नामक स्थान पर स्थित है। इस मंदिर की खासियत यह है कि इसमें हनुमानजी की उलटी मूर्ति स्थापित है। और इसी वजह से यह मंदिर उलटे हनुमान के नाम से मालवा क्षेत्र में प्रसिद्ध है।

                                               

हनुमान मंदिर, अलीगंज लखनऊ

अलीगंज का महावीर मंदिर, लखनऊ अलीगंज में स्थित एक प्राचीन हनुमान जी का एक मंदिर है। यह मंदिर बहुत पुराना है एवं इसकी बहुत मान्यता है। मंदिर में ज्येष्ठ मास में बड़े मंगल को मेला लगता है। इसके अलावा हनुमान जयंती पर भी मेला लगता है।

                                               

हनुमान मंदिर, इलाहाबाद

इलाहाबाद में संगम के निकट स्थित यह मंदिर उत्तर भारत के मंदिरों में अद्वितीय है। मंदिर में हनुमान की विशाल मूर्ति आराम की मुद्रा में स्थापित है। यद्यपि यह एक छोटा मंदिर है फिर भी प्रतिदिन सैकड़ों की तादाद में भक्तगण आते हैं। नदी से नजदीक होने कारण ...

                                               

हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस

नई दिल्ली के हृदय कनॉट प्लेस में महाभारत कालीन श्री हनुमान जी का एक प्राचीन मंदिर है। यहाँ पर उपस्थित हनुमान जी स्वयंभू हैं। बालचन्द्र अंकित शिखर वाला यह मंदिर आस्था का महान केंद्र है। इसके साथ बने शनि मंदिर का भी प्राचीन इतिहास है। एक दक्षिण भार ...

                                               

हनुमान मंदिर, कश्मीरी गेट

                                               

हनुमान सेतु मंदिर

हनुमान सेतु मंदिर, लखनऊ में गोमती नदी के किनारे एक हनुमान मंदिर है। यह मंदिर नदी पर बने एक पुल के किनारे बना है। इस कारण यह पुल हनुमान सेतु एवं मंदिर हनुमान सेतु मंदिर कहलाता है। यह मंदिर नीम करौरी बाबा ने बनवाया है। इस मंदिर से लगा बाबा का भी एक ...

                                               

हिन्दू मन्दिर स्थापत्य शैली

                                               

दलित

दलित अंग्रेजी शब्द डिप्रेस्ड क्लास का हिन्दी अनुवाद है.डिप्रेस्ड क्लास की जनगणना १९११ में की गई,जिन्हें वर्तमान में अनुसूचित जातियां कहा जाता है.दलित का अर्थ पिडीत, शोषित, दबा हुआ, खिन्न, उदास, टुकडा, खंडित, तोडना, कुचलना, दला हुआ, पिसा हुआ, मसला ...

                                               

पौष

हिन्दू पंचांग के अनुसार साल के दसवें माह का नाम पौष हैं। इस मास में हेमंत ऋतु होने से ठंड अधिक होती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस मास में भग नाम सूर्य की उपासना करना चाहिए।

                                               

पौष कृष्ण अष्टमी

विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम महायुग हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक आनलाइन पंचाग सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग

                                               

पौष कृष्ण एकादशी

सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग आनलाइन पंचाग हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक महायुग विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम

                                               

पौष कृष्ण चतुर्थी

सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस आनलाइन पंचाग विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम महायुग विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक

                                               

पौष कृष्ण चतुर्दशी

हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक महायुग विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग आनलाइन पंचाग सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम

                                               

पौष कृष्ण तृतीया

आनलाइन पंचाग महायुग सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग

                                               

पौष कृष्ण त्रयोदशी

महायुग सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस आनलाइन पंचाग विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग

                                               

पौष कृष्ण दशमी

आनलाइन पंचाग सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक महायुग विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग

                                               

पौष कृष्ण द्वादशी

हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक महायुग विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस आनलाइन पंचाग विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग

                                               

पौष कृष्ण द्वितीया

आनलाइन पंचाग हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस महायुग

                                               

पौष कृष्ण नवमी

आनलाइन पंचाग हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक महायुग विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस

                                               

पौष कृष्ण प्रतिपदा

विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक आनलाइन पंचाग महायुग

                                               

पौष कृष्ण षष्ठी

विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस आनलाइन पंचाग महायुग विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक

                                               

पौष कृष्ण सप्तमी

आनलाइन पंचाग हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस महायुग विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग

                                               

पौष पूर्णिमा

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में रहने वाली जनजातियाँ पौष माह के पूर्णिमा के दिन छेरता पर्व बडे़ धूमधाम से मनाती हैं। सभी के घरों में नये चावल का चिवड़ा गुड़ तथा तिली के व्‍यंजन बनाकर खाया जाता है। गांव के बच्‍चों की टोलियाँ घर-घर जाकर परम्‍परानुसा ...

                                               

पौष शुक्ल अष्टमी

विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग महायुग विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस आनलाइन पंचाग

                                               

पौष शुक्ल एकादशी

विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस आनलाइन पंचाग महायुग हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम

                                               

पौष शुक्ल चतुर्थी

हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग महायुग आनलाइन पंचाग विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम

                                               

पौष शुक्ल चतुर्दशी

                                               

पौष शुक्ल तृतीया

आनलाइन पंचाग हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग महायुग सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम

                                               

पौष शुक्ल त्रयोदशी

महायुग विश्व के सभी नगरों के लिये मायपंचांग डोट कोम आनलाइन पंचाग सॄष्टिकर्ता ब्रह्मा का एक ब्रह्माण्डीय दिवस हिन्दू पंचांग १००० वर्षों के लिए सन १५८३ से २५८२ तक विष्णु पुराण भाग एक, अध्याय तॄतीय का काल-गणना अनुभाग

शब्दकोश

अनुवाद
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