ⓘ मुक्त ज्ञानकोश. क्या आप जानते हैं? पृष्ठ 129


                                               

कामेश्वर धाम

कामेश्वर धाम उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के कारों ग्राम में स्थित है। इस धाम के बारे में मान्यता है कि यह शिव पुराण और वाल्मीकि रामायण में वर्णित वही जगह है जहा भगवान शिव ने देवताओं के सेनापति कामदेव को जला कर भस्म कर दिया था। यहाँ पर आज भी वह आधा ...

                                               

काशी विश्वनाथ मन्दिर

काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर पिछले कई हजारों वर्षों से वाराणसी में स्थित है। काशी विश्‍वनाथ मंदिर का हिंदू धर्म में एक विशिष्‍ट स्‍थान है। ऐसा माना जाता है कि एक बार इस मंदिर के दर्शन करने और पवित्र गंगा में स्‍न ...

                                               

काशीखण्ड

काशीखंड, स्कंद महापुराण का एक खंड जिसमें काशी का परिचय, माहात्म्य तथा उसके आधिदैविक स्वरूप का विशद वर्णन है। काशी को आनंदवन एंव वाराणसी नाम से भी जाना जाता है। इसकी महिमा का आख्यान स्वयं भगवान विश्वनाथ ने एक बार भगवती पार्वती जी से किया था, जिसे ...

                                               

किन्‍नर कैलाश

किन्‍नर कैलाश हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में तिब्बत सीमा के समीप स्थित ६०५० मीटर ऊँचा एक पर्वत है जो हिन्दू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस पर्वत की विशेषता है इसकी एक चोटी पर स्थित प्राकृतिक शिवलिंग। किन्नौर क ...

                                               

कुंभकोणम

कुंभकोणम तमिल नाडु के तंजौर जिला का एक छोटा शहर है। यह अपने मंदिरों, तालाबों और १२ साला कुंभ मेले के लिए प्रसिद्ध है। कुंभकोणम् त्रिची और नागपट्टणम् के लगभग बीचों-बीच स्थित है। यहाँ पर ब्रह्मा मंदिर भी है जो कम ही देखने को मिलता है।

                                               

कुक्के सुब्रमण्या मंदिर

कुक्के सुब्रह्मण्य एक हिन्दू मंदिर है जो भारत के कर्नाटक राज्य के दक्षिण कन्नड जिले, मैंगलोर के पास, के सुल्लिया तालुक के सुब्रमण्या के एक छोटे से गांव में अवस्थित है। यह मंदिर भारत के प्राचीन तीर्थ स्थानों में से एक है। यहां भगवान सुब्रह्मण्य की ...

                                               

कुरुक्षेत्र

कुरुक्षेत्र हरियाणा राज्य का एक प्रमुख जिला और उसका मुख्यालय है। यह हरियाणा के उत्तर में स्थित है तथा अम्बाला, यमुना नगर, करनाल और कैथल से घिरा हुआ है तथा दिल्ली और अमृतसर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलमार्ग पर स्थित है। इसका शहरी इलाका ...

                                               

कैलास पर्वत

कैलाश पर्वत तिब्बत में स्थित एक पर्वत श्रेणी है। इसके पश्चिम तथा दक्षिण में मानसरोवर तथा राक्षसताल झील हैं। यहां से कई महत्वपूर्ण नदियां निकलतीं हैं - ब्रह्मपुत्र, सिन्धु, सतलुज इत्यादि। हिन्दू सनातन धर्म में इसे पवित्र माना गया है। इस तीर्थ को अ ...

                                               

कोटेश्वर

कोटेश्वर गुजरात के कच्छ ज़िले में स्थित एक प्राचीन बन्दरगाह एवम सुप्रसिद्ध यात्राधाम है। सिन्धु नदी और सागर का जहाँ संगम होता है इस सागर के तट पर स्थित ये स्थल पवित्र यात्राधाम नारायण सरोवर से ४ किमी की दूरी पर है। गुजरात की कच्छ से जूड़ने वाली भ ...

                                               

खड़दहा हनुमान मंदिर वाराणसी

वाराणसी के खड़दहा गांव में श्री हनुमान जी का एक प्राचीन मंदिर स्थित है। जो की अपने आप में बहुत प्रसिद्ध है। खड़दहा हनुमान जी के बारे में कहा जाता है। सच्चे निष्ठां और लगन से इनका पूजा एवं दर्शन करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। प्रत्येक ...

                                               

खाटूश्यामजी, राजस्थान

खाटू नगरी के समीप ही रींगस जंक्शन, श्रीमाधोपुर रेलवे स्टेशन है जहां से खाटू पहुंचा जा सकता है । श्रीमाधोपुर डिपो की रोडवेज बसों की सुविधा यहां पर उपलब्ध है । रींगस से भी आसपास के स्थानो के लिये बसें है । दूर के बड़े शहरों के लिये बसें श्रीमाधोपुर ...

                                               

खीर भवानी मंदिर

तुल मुल / खीर भवानी भवानी देवी का एक नाम है जिनका प्रसिद्ध मंदिर जम्मू व कश्मीर के गान्दरबल ज़िले में तुलमुला गाँव में एक पवित्र पानी के चश्मे के ऊपर स्थित है। यह श्रीनगर से १४ किमी पूर्व में स्थित है। खीर भवानी देवी की पूजा लगभग सभी कश्मीरी हिन् ...

                                               

गंगा देवी

गंगा नदी को हिन्दू लोग को माँ एवं देवी के रूप में पवित्र मानते हैं। हिंदुओं द्वारा देवी रूपी इस नदी की पूजा की जाती है क्योंकि उनका विश्वास है कि इसमें स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं और जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। तीर्थयात्री गंग ...

                                               

गंगाबल झील

गंगाबल झील या गंगबल झील भारत के जम्मू व कश्मीर राज्य के गान्दरबल ज़िले में हरमुख पर्वत के चरणों में स्थित एक स्वच्छ पर्वतीय झील है। भौगोलिक दृष्टि से यह एक टार्न झील या गिरिताल की श्रेणी में आती है।

                                               

गोरखनाथ मन्दिर

गोरखनाथ मन्दिर, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर में स्थित है। बाबा गोरखनाथ के नाम पर इस जिले का नाम गोरखपुर पड़ा है। गोरखनाथ मन्दिर के वर्तमान महन्त श्री बाबा योगी आदित्यनाथ जी है। मकर संक्रान्ति के अवसर पर यहाँ एक माह चलने वाला विशाल मेला लगता है जो ...

                                               

गौरीकुण्ड

गौरीकुंड में वासुकी गंगा केदारनाथ से वासुकी ताल होते हुए मंदाकिनी में मिलती है, यह कस्बा केदारनाथ के लिए मोटर वाहन शीर्ष है। गौरीकुंड १९८१ मी. ऊँचाई पर है। यहाँ से केदारनाथ की दूरी १४ किलोमीटर है, जो पैदल अथवा घोड़े, डाँडी या कंडी में तय करते हैं ...

                                               

घृष्णेश्वर मन्दिर

महाराष्ट्र में औरंगाबाद के नजदीक दौलताबाद से 11 किलोमीटर दूर घृष्‍णेश्‍वर महादेव का मंदिर स्थित है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। कुछ लोग इसे घुश्मेश्वर के नाम से भी पुकारते हैं। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित एलोरा की प्रसिद्ध गुफाएँ इस मं ...

                                               

चन्द्रगुप

चन्द्रगुप, जिसे कभी-कभी चन्द्रकुप भी कहा जाता है, पाकिस्तान के पश्चिमी बलोचिस्तान प्रान्त के तटीय मकरान क्षेत्र में स्थित एक गारामुखी है। ५८ मीटर ऊँचा यह गारामुखी एक शुद्ध शंकु का आकार रखता है। इस क्षेत्र में कई सारे गारामुखी मिलते हैं और चन्द्रग ...

                                               

छोटा चार धाम

छोटा चारधाम या चारधाम, हिन्दू धर्म के हिमालय पर्वतों में स्थित पवित्रतम तीर्थ परिपथों में से एक है। यह भारत के उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल मण्डल में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में स्थित है और इस परिपथ के चार धाम हैं: बद्रीनाथ, केदारनाथ, ...

                                               

जोशीमठ

जोशीमठ या ज्योतिर्मठ उत्तराखण्ड राज्य में स्थित एक नगर है जहाँ हिन्दुओं की प्रसिद्ध ज्योतिष पीठ स्थित है।। यहां ८वीं सदी में धर्मसुधारक आदि शंकराचार्य को ज्ञान प्राप्त हुआ और बद्रीनाथ मंदिर तथा देश के विभिन्न कोनों में तीन और मठों की स्थापना से प ...

                                               

ज्योतिसर

ज्योतिसर हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में स्थित एक कस्बा है। यह एक हिन्दू तीर्थ है जो कुरुक्षेत्र-पहोवा मार्ग पर थानेसर से पाँच किमी पश्चिम में स्थित है। माना जाता है कि यहीं पर भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। ज्योति का अर्थ प्रकाश ...

                                               

टिल्ला जोगियाँ

टिल्ला जोगियाँ पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के मध्य भाग में स्थित नमक कोह पर्वतमाला के पूर्वी भाग में एक ९७५ मीटर ऊँचा पहाड़ है। यह नमक कोह शृंखला का सबसे ऊँचा पहाड़ भी है। प्रशासनिक रूप से टिल्ला जोगियाँ झेलम ज़िले में स्थित है और उस ज़िले का सबसे ...

                                               

तारापीठ

तारापीठ भारत में पश्चिम बंगाल प्रांत के वीरभूमि जिला में एक छोटा शहर है। पूर्वी रेलवे के रामपुर हाल्ट स्टेशन से चार मील दूरी पर स्थित है तारा पीठ। बंगाल क्षेत्र की प्रसिद्द देवी तारा की पूजा का प्रमुख केन्द्र होने के कारण ही इसका नाम तारापीठ है। ...

                                               

तिरुपति

तिरुपति भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। यह आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है। प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में दर्शनार्थी यहां आते हैं। समुद्र तल से 3200 फीट ऊंचाई पर स्थिम तिरुमला की पहाड़ियों पर बना श्री वैंकटेश्‍वर मंदिर य ...

                                               

त्र्यम्बकेश्वर मन्दिर

त्र्यम्बकेश्वर ज्योर्तिलिंग मन्दिर महाराष्ट्र-प्रांत के नासिक जिले में हैं यहां के निकटवर्ती ब्रह्म गिरि नामक पर्वत से गोदावरी नदी का उद्गम है। इन्हीं पुण्यतोया गोदावरी के उद्गम-स्थान के समीप असस्थित त्रयम्बकेश्वर-भगवान की भी बड़ी महिमा हैं गौतम ...

                                               

देवघाट

देवघाट नेपाल के गण्डकी अंचल के तनहुँ जिले में स्थित एक ग्राम विकास समिति है। नेपाल की सन् २००१ की जनगणना के अनुसार देवघाट की जनसंख्या ७६२० है। यह कस्बा सेती गण्डकी तथा कृष्णा गण्डकी नदियों के संगम पर स्थित है तथा हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र स्थान ...

                                               

देवसिद्ध मंदिर

बाबा बालक नाथ का यह गुफा मंदिर पूरे वर्ष श्रद्धालुओं से भरा रहता है। बिलासपुर की सीमा पर स्थित यह मंदिर चारों ओर के सड़क मार्ग से सरलता से पहुंचा जा सकता है। नवरात्रों के अवसर पर बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए यहां लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। ...

                                               

नंदप्रयाग

नंदप्रयाग एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल एवम् हिन्दू धर्म के प्रसिद्ध पर्वतीय तीर्थों में से एक है। नंदाकिनी तथा अलकनंदा नदियों के संगम पर नन्दप्रयाग स्थित है। यह सागर तल से २८०५ फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पवित्र संगम स्थल, चंडिका मंदिर, गोपाल जी म ...

                                               

नारायण सरोवर

नारायण सरोवर गुजरात के कच्छ जिले के लखपत तालुका में स्थित हिन्दुओं का एक तीर्थस्थान है। प्राचीन कोटेश्वर मन्दिर यहाँ से ४ किमी की दूरी पर है। श्रीमद्भागवत में वर्णित पाँच पवित्र सरोवरों में से एक है। नारायण सरोवर का अर्थ है - विष्णु का सरोवर। यहा ...

                                               

नैना देवी मंदिर

                                               

पंच प्रयाग

उत्तराखंड के पंच प्रयाग हैं विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पंच प्रयाग देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, नन्दप्रयाग, तथा विष्णुप्रयाग मुख्य नदियों के संगम पर स्थित हैं। नदियों का संगम भारत मे ...

                                               

पंचकोशी

पंचकोशी नेपाल का एक प्रमूख हिन्दू तिर्थस्थल है। ईस स्थान के कइ मन्दिरों में ज्वालाएं बलते दिखाइ देते हें। ज्वालाएं होने के कारण पंचकोशीको ज्वाला क्षेत्र भी कहाजाता है। यह स्थान पश्चिम नेपाल के दैलेख जिले में अवस्थित है। स्कन्द पुराण के वैश्वानर ख ...

                                               

पंचकोसी यात्रा

वाराणसी को प्रायः गंगा नदी के दो संगमों: एक वरुणा नदी से और दूसरा असी नदी से संगम के बीच बतायी जाती है। इन संगमों के बीच की दूरी लगभग २.५ मील है। इस दूरी की परिक्रमा हिन्दुओं में पंचकोसी यात्रा कहलाती है। इसक यात्रा का समापन साक्षी विनायक मंदिर म ...

                                               

पंज तीरथ

पंज तीरथ एक प्राचीन हिन्दू धर्मस्थल है जो पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में स्थित है। वर्ष २०१९ में इस स्थल को प्रान्त सरकार ने राष्ट्रीय विरासत घोषित किया है। पंज तीरथ में पानी के पांच तालाब तथा एक मंदिऔर खजूर के पेड़ों वाला एक ब ...

                                               

पुष्कर झील

पुष्कर झील या पुष्कर सरोवर जो कि राजस्थान राज्य के अजमेर ज़िले के पुष्कर कस्बे में स्थित एक पवित्र हिन्दुओं की झील है। इस प्रकार हिन्दुओं के अनुसार यह एक तीर्थ है। पौराणिक दृष्टिकोण से इस झील का निर्माण भगवान ब्रह्मा जी ने करवाया था इस कारण झील क ...

                                               

पूर्णागिरी

पूर्णागिरि मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड प्रान्त के टनकपुर में अन्नपूर्णा शिखर पर ५५०० फुट की ऊँचाई पर स्थित है। यह १०८ सिद्ध पीठों में से एक है। यह स्थान महाकाली की पीठ माना जाता है। कहा जाता है कि दक्ष प्रजापति की कन्या और शिव की अर्धांगिनी सती की ...

                                               

पोठोहार

पोठोहार या पोठवार पूर्वोत्तरी पाकिस्तान का एक पठार क्षेत्र है जो उत्तरी पंजाब और आज़ाद कश्मीर में विस्तृत है। यह सिंध सागर दोआब में स्थित है, जो पूर्व में झेलम नदी से पश्चिम में सिन्धु नदी के बीच का इलाका है। इसे उत्तर में काला चिट्टा और मारगल्ला ...

                                               

बद्रीनाथ मन्दिर

बद्रीनाथ में जो प्रतिमा जी है़ वह विष्णु के एक रूप "बद्रीनारायण" की है। बद्रीनाथ अथवा बद्रीनारायण मन्दिर भारतीय राज्य उत्तराखण्ड के चमोली जनपद में अलकनन्दा नदी के तट पर स्थित एक हिन्दू मन्दिर है। यह हिंदू देवता विष्णु को समर्पित मंदिर है और यह स् ...

                                               

बाकू आतेशगाह

बाकू आतेशगाह या ज्वाला मंदिर अज़रबेजान की राजधानी बाकू के पास के सुराख़ानी शहर में स्थित एक मध्यकालीन हिन्दू धार्मिक स्थल है। इसमें एक पंचभुजा अकार के अहाते के बीच में एक मंदिर है। बाहरी दीवारों के साथ कमरे बने हुए हैं जिनमें कभी उपासक रहा करते थ ...

                                               

बेट द्वारका

बेट द्वारका या शंखोद्धार कच्छ की खाड़ी में स्थित एक द्वीप है। यह द्वीप समुद्रतट पर स्थित ओखा से ३ किमी की दूरी पर है। इसकी लम्बाई लगभग १३ किमी है तथा औसत चौड़ाई ४ किमी है। द्वारका यहाँ से ३० किमी दक्षिण में स्थित है।

                                               

बेलखरनाथ मन्दिर

बाबा बेलखरनाथ मन्दिर उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद मे सई नदी के तट पर स्थित हैं। बाबा बेलखरनाथ धाम प्रतापगढ़ मुख्यालय से १५ किलोमीटर पट्टी मार्ग पर लगभग ९० मीटर ऊँचे टीले पर स्थित है। यह स्थल ग्राम अहियापुर में स्थित है। वर्ष में एक बार महाशिवरा ...

                                               

बेलुड़ मठ

बेलुड़ मठ भारत के पश्चिम बंगाल में हुगली नदी के पश्चिमी तट पर बेलूड़ में स्थित है। यह रामकृष्ण मिशन और रामकृष्ण मठ का मुख्यालय है। इस मठ के भवनों की वास्तु में हिन्दू, इसाई तथा इस्लामी तत्वों का सम्मिश्रण है जो धर्मो की एकता का प्रतीक है। इसकी स् ...

                                               

बैजनाथ (हिमाचल प्रदेश)

बैजनाथ, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का एक कस्बा है। यह पालमपुर से लगभग १४ किमी दूरी पर है। यहाँ पर हिन्दुओं के द्वादश ज्योतिलिंगों में से एक है।

                                               

भयहरणनाथ मन्दिर

बाबा भयहरणनाथ मन्दिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन मन्दिर हैं। यह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिला में स्थित एक पांडव युगीन मंदिर हैं, जो ग्राम कटरा गुलाब सिंह में पौराणिक बकुलाही नदी के तट पर विद्यमान हैं। माना जाता है की अज्ञातवास के समय पाण्डव ...

                                               

भारत के प्रमुख हिन्दू तीर्थ

भारत अनादि काल से संस्कृति, आस्था, आस्तिकता और धर्म का महादेश रहा है। इसके हर भाग और प्रान्त में विभिन्न देवी-देवताओं से सम्बद्ध कुछ ऐसे अनेकानेक प्राचीन और धार्मिक स्थान हैं, जिनकी यात्रा के प्रति एक आम भारतीय नागरिक पर्यटन और धर्म-अध्यात्म दोनो ...

                                               

मंगला भवानी मंदिर

मंगला भवानी मंदिर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सोहांव विकास खंड के नसीरपुर ग्राम में नेशनल हाइवे-19 के पास स्थित है। जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर बक्सर और गाजीपुर की सीमा पर गंगा नदी के उत्तरी तट पर स्थित मां मंगला भवानी का प्राचीन मंदिर स ...

                                               

मेड़न दास मन्दिर, अटवाधाम

मेड़न दास मन्दिर उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की नवाबगंज तहसील से उत्तर दिशा में सद्दीपुर-जहांगीराबाद मार्ग पर ग्राम अजगना के पास एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

                                               

यमुनोत्री

यमुनोत्री 31.0100° N, 78.4500° E भारत के उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में स्थित है। ऋषिकेश से २१० किलोमीटर और हरिद्वार से २५५ किलोमीटर सड़क मार्ग से जुड़ा समुद्रतल से १० हज़ार फीट ऊंचा एक प्रमुख हिन्दू तीर्थ है।

                                               

लांगटांग

लांगटांग नेपाल का एक क्षेत्र है, जो काठमांडू घाटी से उत्तर में तिब्बत के साथ सीमावर्ती है। यहाँ पर स्थित हिमालय के खण्ड को लांगटांग हिमाल बुलाते हैं। लांगटांग राष्ट्रीय उद्यान इस क्षेत्र में स्थित है और उसमें हिन्दूओं के लिए पवित्र गोसाइँकुण्ड झी ...

                                               

लिंगराज मंदिर

लिंगराज मंदिर भारत के ओडिशा प्रांत की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है। यह भुवनेश्वर का मुख्य मन्दिर है तथा इस नगर के प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। यह भगवान त्रिभुवनेश्वर को समर्पित है। इसे ललाटेडुकेशरी ने 617-657 ई. में बनवाया था। यद्यपि इस मंदि ...

शब्दकोश

अनुवाद
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